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परिजन कह रहे- शराब पीने से हुई मौत, माफिया के आगे प्रशासन ने साधा मौन

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कछला चौराहे पर मौजूद सीओ और पुलिस कर्मी। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। शराब पीने से मरने वाले लोगों के परिवार वाले लगातार कह रहे हैं कि दोनों की मौत शराब पीने से हुई है। वे पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई चाहते हैं लेकिन पुलिस प्रशासन माफिया के आगे ‘बहरा’ हो गया है। माफिया के दबाव में आकर लगातार लीपापोती करके इसे आदतन शराब पीने से हुई मौत साबित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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कछला के बिंटू सिंह और अखिलेश शराब पीने के आदी थे, यह बात परिजन भी कह रहे हैं लेकिन एक ही दुुकान से शराब खरीदकर पीने के बाद दोनों की मौत उनके गले नहीं उतर रही है। परिवार वालों के अनुसार उन्होंने एक-एक क्वार्टर खरीदकर पिया था। सबसे पहले अखिलेश की मौत हुई, बाद में बिंटू सिंह की जान चली गई। यह सब शराब पीने के मात्र दो घंटे बाद हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि एक या दो क्वार्टर शराब पीने से व्यक्ति की मौत नहीं हो सकती है, जब तक कि शराब मिलावटी न हो या फिर उसमें पॉवर बढ़ाने का कैमिकल न मिलाया गया हो। हैरानी की बात तो यह है कि सभी अधिकारी मान रहे हैं कि दोनों ने शराब पी थी लेकिन यह मानने को तैयार नहीं है कि उनकी मौत शराब पीने से हुई।
इधर, शनिवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, जिस कारण दोनों का विसरा प्रिजर्व कर दिया गया है। ऐसे में यह भी डॉक्टरों का कहना है कि विसरा तभी प्रिजर्व किया जाता है जब मौत का कारण स्पष्ट न हो। ऐसे मेें पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अपने आप में सवाल खड़े कर रही है।
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मरने वाले बिंटू के भाई दीपक तथा अखिलेश के पिता श्यामलाल, दोनों का कहना है कि दोनों ने कछला चौराहे स्थित दुकान से देशी शराब खरीदकर पी थी। दोनों ही पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि पुलिस अपने मनमर्जी से कार्रवाई कर रही है, जबकि दोनों मौतों के जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे में इस बात से भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि माफिया ने पूरे सिस्टम को ही मैनेज कर लिया है।
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एक-दो क्वार्टर शराब पीने से मौत नहीं हो सकती। हम तमाम लोगों को देखते हैं। वह शराब पीकर आते हैं और कुछ देर उपचार कराते हैं और उठकर चले जाते हैं। इसमें यह भी तय करता है कि शराब कौन सी है। अगर कोई व्यक्ति शराब पीने का आदी है तो एक-दो क्वार्टर उस पर ज्यादा असर नहीं करेंगे, जब तक कि शराब में कुछ मिलाया न गया हो तब तक शराब पीने से मौत नहीं हो सकती। हां, ओवरडोज से मौत हो सकती है।
- डॉ. शिवमोहन कमल, वरिष्ठ चिकित्सक, जिला अस्पताल
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शराब पीने से मौत होना यह व्यक्ति और शराब दोनों पर निर्भर करता है। अगर कोई व्यक्ति अधिक शराब पीता है, उसकी किडनी फेल हो या फिर पीलिया हो और वह ज्यादा शराब पी रहा है तो उसकी मौत हो सकती है। शराब मिलावटी हो या फिर जहरीली हो तो मौत होना निश्चित है।
- डॉ. नितिन कुमार सिंह, ईएमओ जिला अस्पताल
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अधिकारी कर रहे सैंपलिंग की बात...कुछ नहीं निकलना तय
मामले पर लीपापोती करने के लिए अधिकारी दुकान से शराब का सैंपल जांच के लिए भेजे जाने की बात कह रहे हैं, लेकिन उसमें कुछ नहीं निकलना, यह तय है। बताया जाता है कि शुक्रवार को जिस समय परिजन व गांव वाले हंगामा करते हुए जाम लगाने की कोशिश कर रहे थे, उसी समय मिलावटी शराब की खेप वहां से हटाकर अन्यत्र पहुंचा दी गई और शराब का सही कोटा दुकान में ही रहने दिया गया। ऐसे में साफ है कि सैंपलिंग के बाद भी सब सही निकलने वाला है।
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पुलिस की मौजूदगी में हुए दोनों शवों के अंतिम संस्कार
शुक्रवार दोपहर से मृतकों के परिवार वालों पर ऐसा घेरा बना दिया गया कि पुलिस हर वक्त उनके साथ रही। पोस्टमार्टम कराने के दौरान उझानी इंस्पेक्टर खुद मौजूद थे। वह इस बात पर भी नजर रखे हुए थे कि कहीं परिवार वाले पुलिस के खिलाफ न कुछ बोल दें। जब तक परिवार वाले पोस्टमार्टम के बाद उनके शव लेकर कछला पहुंचे, उससे पहले ही पुलिस को लगा दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों के अंतिम संस्कार किए गए।
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कछला में दो लोगों की मौत के बाद मौके पर एसपी सिटी और एसडीएम को भेजा गया था। पूरी दुकान की जांच कराई गई थी। दुकान में 520 क्वार्टर बेचे गए थे। पुलिस ने दोनों लोगों के पोस्टमार्टम करा दिए हैं। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कुछ नहीं आया है। उनका विसरा प्रिजर्व कर दिया गया है। इसके अलावा दुकान से सैंपल लेकर जांच को भेजा गया है। अगर सैंपल की जांच में कुछ आता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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