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किसान के बेटे ने दिया शपथ पत्र, नहीं चाहता पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई

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बदायूं। एसएसपी कार्यालय में किसान के आत्मदाह करने के मामले में अब उसके बेटे ने शपथपत्र दिया है कि वह किसी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई नहीं चाहता। हालांकि इससे पहले भी वह मौखिक रूप से कह चुका था लेकिन बाद में मुकर गया था लेकिन अब उसने लिखित में दे दिया है। इसके बावजूद एसएसपी ने आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने की बात कही है।
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विगत 18 मई को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर निवासी किसान किशनपाल ने अपने परिवार के साथ एसएसपी कार्यालय आकर पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लिया था। उसके परिवार वालों का कहना था कि गांव के आरोपियों ने उसके गेहूं जला दिए थे लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। उल्टे उसके परिवार को धमकाया गया, और तो और रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई।
इस मामले में एसएसपी ने इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी, मंडी चौकी इंचार्ज राहुल पुंडीर, तत्कालीन चौकी इंचार्ज अशोक कुमार, सिपाही अशीष कुमार और मनोज कुमार को निलंबित कर दिया था। इसकी विवेचना एसआईटी कर रही है। इसमें सभी के बयान दर्ज हो चुके हैं। मामले की विवेचना भी आखिरी चरण में हैं।
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इधर, किसान के बेटे अमरजीत ने कुछ दिन पहले एसएसपी कार्यालय आकर मौखिक रूप से बयान दिया था कि वह निर्दोष पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं चाहता। उसने अपने बयानों में इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी और चौकी इंचार्ज राहुल पुंडीर का नाम लिया था। इस पर दोनों को बहाल कर दिया लेकिन बाद में वह अपने बयानों से मुकर गया। उसने राहुल पुंडीर को भी दोषी माना। इस पर चौकी इंचार्ज को फिर निलंबित कर दिया गया। अब उसने एसएसपी कार्यालय में आकर शपथपत्र दिया है। उसमें किसी भी पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई न कराने की बात कही है।
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मुंशी के खिलाफ अलग से चल रही है जांच
किसान के बेटे ने सिविल लाइंस थाने के मुंशी संजीव गंगवार के खिलाफ भी एक पत्र दिया था। उस पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसकी जांच सीओ सिटी कर रहे हैं। अभी इसमें उन्होंने जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है।
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किसान के बेटे ने एक शपथ पत्र दिया है। उसने कहा है कि वह किसी भी पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहता लेकिन इस मामले की विभागीय जांच अभी भी चल रही है। इसमें जो भी पुलिस कर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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