बदायूं। शहर कोतवाली पुलिस झपटमारी, छिनैती, चोरी और तमाम घटनाओं का लंबे समय से खुलासा नहीं कर पाई है। चार दिन पहले आठ लाख 77 हजार रुपये लेकर भागने वालों को पकड़ना तो दूर उनका सुराग तक नहीं लगा पाया है लेकिन कोतवाली इंस्पेक्टर ने वन स्टॉप सेंटर के मामले में सेंटर इंचार्ज के खिलाफ मात्र दस दिन के अंदर चार्जशीट लगा दी। इस पर सवाल उठे तो विवेचना सीओ सिटी को दी गई है।
महिला अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर के मामले में कोतवाली इंस्पेक्टर शुरुआत से ही सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कि वन स्टॉप सेंटर इंचार्ज नीतू सिंह के खिलाफ तहरीर कोतवाली पहुंची, तो उन्होंने न तो उसकी जांच कराने की जरूरत समझी और न ही इसके बारे में अधिकारियों को बताया। तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली गई। ठीक इसके दूसरे दिन नीतू सिंह ने तहरीर दी। उसे विवेचना में शामिल नहीं किया गया। उनके बयान तक दर्ज नहीं कराए गए। और तो और जल्दबाजी में नीतू सिंह के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई जबकि नीतू सिंह लगातार कोतवाली गईं और उन्होंने अपनी भी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। बगैर किसी विवेचना के इतनी जल्दी चार्जशीट लगाने पर एसएसपी और एसपी सिटी ने भी कोतवाली इंस्पेक्टर से नाराजगी जाहिर की। अब मामले की पुन: विवेचना सीओ सिटी को सौंप दी गई है।
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वन स्टॉप सेंटर के मामले की पुन: विवेचना सीओ सिटी को सौंपी गई है। कोतवाली इंस्पेक्टर ने जल्दबाजी क्यों दिखाई, इसकी जांच कराई जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी