बदायूं। सिविल लाइंस थाने में दर्ज पूर्व विधायक रामसेवक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष बरेली रश्मि पटेल के मुकदमे की विवेचना अब इंस्पेक्टर क्राइम को सौंपी गई है। अब तक विवेचना एक दरोगा को दी गई थी। चूंकि मामला एक पूर्व विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष से जुड़ा था, इसलिए विवेचना ट्रांसफर की गई है।
तीन दिन पहले पूर्व विधायक रामसेवक पटेल की चौथी पत्नी भाग्यश्री ने रामसेवक, उनके भाई महेंद्र पटेल, बेटे रोहित पटेल, उसकी पत्नी पिंकी राठौर और बेटी जिला पंचायत अध्यक्ष बरेली रश्मि पटेल के खिलाफ तमाम आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। तब इस मामले की विवेचना एसआई अमरपाल सिंह को सौंपी गई थी। मामला दर्ज होने के बाद एसआई अमरपाल सिंह पूर्व विधायक के आवास मधुवन कॉलोनी पहुंचे थे। उन्होंने मामले की छानबीन भी शुरू कर दी थी। शुक्रवार को उनसे विवेचना हटाकर इंस्पेक्टर क्राइम सहंसर वीर सिंह को दे दी गई। इसकी एक वजह यह बताई जा रही है कि यह मामला पूर्व विधायक व उनके परिवार से जुड़ा है। फिलहाल पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। अभी इसमें किसी के बयान दर्ज होने की बात सामने नहीं आई है।
सिविल लाइंस इंस्पेक्टर चंद्रप्रकाश शुक्ला ने बताया कि यह मामला पूर्व विधायक व उनके परिवार से जुड़ा है। इससे इसकी विवेचना ट्रांसफर की गई है।