बदायूं। ऑपरेशन करने के लिए जहां सरकारी या निजी अस्पताल में तमाम जांचें कराई जाती हैं। सर्जन से लेकर नशा देने वाले डॉक्टर लगते हैं, इसके विपरीत बगरैन कस्बे में एक झोलाछाप ने बिना जांच कराए और खुद नशा देकर ही चार साल के बालक का ऑपरेशन कर डाला। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने फिलहाल एफआईआर दर्ज कर ली है, आरोपी फरार है।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव कोट रतनपुर निवासी विवेक कुमार के मुताबिक उसके चार वर्षीय बेटे ईशू को रविवार सुबह हलका बुखार आ रहा था। उसके पैर में सूजन आ गई थी। कुछ लोगों ने बताया था कि वजीरगंज क्षेत्र के कस्बा बगरैन में आजम खां पैर की सूजन का इलाज करता है। विवेक रविवार दोपहर में पत्नी मंजिल के साथ ईशू को लेकर बगरैन पहुंच गया। उसने झोलाछाप आजम खां से बात की, जिस पर उसने बताया कि पैर का ऑपरेशन करना पड़ेगा। यह सुनकर परिवार वाले चौंक गए। उन्होंने ऑपरेशन कराने से मना कर दिया। आजम ने बताया कि मामला बिगड़ जाएगा, तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। अगर देर करोगे तो बच्चे की जान को खतरा हो जाएगा।
विवेक ने तुरंत दस हजार रुपये जमा कराए और बच्चे के पैर का ऑपरेशन कर दिया। इस दौरान ईशू की मौत हो गई। उसके बाद झोलाछाप ने बच्चे को बेहोश बताकर बिसौली ले जाने को कहा। परिजन उसे लेकर बिसौली पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जिस पर पुलिस बगरैन पहुंची लेकिन तब तक झोलाछाप मौके से भाग चुका था। वजीरगंज पुलिस ने विवेक की तहरीर पर झोलाछाप आजम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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घटना की सूचना मिली है। इसकी जांच के लिए टीम लगाई गई है। मंगलवार शाम तक हमारे पास इसकी रिपोर्ट आएगी। उसके बाद ही तय किया जाएगा आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए।
- डॉ. प्रदीप कुमार वार्ष्णेय, सीएमओ