बदायूं। तीन माह पहले भरे गए दूध के सैंपल की रिपोर्ट आखिरकार फेल ही आई। दूधिया भी इसका अनुमान लगा रहा था। अब खाद्य विभाग की ओर से उसके नाम एक नोटिस भेजा गया है। दूधिया का कहना है कि उसे पहले से पता था कि उसका सैंपल फेल आएगा। अगर रुपये वसूले जाने की पोल नहीं खुलती तो शायद उसका सैंपल जांच तक को नहीं भेजा जाता। उसने मामले में जांच की मांग की है।
यह मामला 26 फरवरी 2022 का है। उस दिन सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सिरसाठेर निवासी ऋषिपाल नजदीकी गांव से दूध लेकर शहर लौट रहा था। रास्ते में गिंदो देवी महाविद्यालय के नजदीक खाद्य विभाग के एक कर्मचारी ने उसे रोक लिया। उसके दूध का सैंपल भरा। इस दौरान दूधिया ने उससे माफ करने की गुजारिश की तो कर्मचारी ने उसे बताया कि वह खेड़ा नवादा पुलिस चौकी से आगे जाए। वहां क्रीम निकालने का एक सेंटर है। वहां बात करे। उसका सैंपल जांच को नहीं भेजा जाएगा। कर्मचारी के अनुसार दूधिया क्रीम निकालने की दुकान पर गया। वहां मौजूद मिले एक व्यक्ति ने कर्मचारी से बात करके दूधिया से पांच हजार रुपये लिए। उसे भरोसा दिलाया कि अब उसका सैंपल जांच को नहीं भेजा जाएगा लेकिन दो घंटे बाद खाद्य विभाग के कर्मचारी के इस खेल की पोल खुल गई। इससे कर्मचारी और उसके दलाल घबरा गए। उन्होंने दूधिया को डराया धमकाया। उससे कहा कि अब उसका सैंपल जांच को जरूर भेजा जाएगा। कर्मचारी ने वैसा ही किया। उसके रुपये ले लिए औंर सैंपल भेज दिया। अब उसकी जांच रिपोर्ट फेल आई है।
दूधिया का आरोप है कि यह जानबूझकर किया गया है। उसके सैंपल में मिलावट की गई होगी। तभी उसका सैंपल फेल आया है। इस मामले में वह अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करेगा।
-
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं हैं। अगर इस संबंध में शिकायत आती है तो जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्रशेखर मिश्रा, अभिहित अधिकारी