बदायूं। किसान आत्मदाह प्रकरण में नामजद मुख्य व आठवें आरोपी रामऔतार को शनिवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया गया। रामऔतार छिपकर बदायूं आ रहा था, इसी दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। सात आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
बुधवार को एसएसपी कार्यालय में सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर निवासी किशनपाल ने पुलिस उत्पीड़न के विरोध में आत्मदाह कर लिया था। इस मामले में एसएसपी ने इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित किया था। बाद में इलाज के दौरान किशनपाल की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में किशनपाल को परेशान करने वालों के खिलाफ आत्मदाह के लिए उकसाने के आरोप में एक और मामला दर्ज कर किया था। इसमें पुलिस ने बृहस्पतिवार को रामेश्वर, ओमेंद्र, रामेंद्र, श्रीराम, विवेक, ओमवीर और देवेंद्र को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था जबकि मुख्य आरोपी रामऔतार नहीं पकड़ा गया था।
शनिवार दोपहर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आरोपी रामऔतार को गौरीशंकर मंदिर के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक वह छिपकर बदायूं आ रहा था। इसी दौरान पकड़ा गया। पुलिस ने शनिवार दोपहर बाद उसे जेल भेज दिया।
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परिवार वाले बोले-पुलिस ने नहीं लगाई आग लगाने की धारा
किसान के परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गेहूं में आग लगाने की धारा नहीं लगाई है। यह जानकारी उन्होंने एसआईटी को दी। साथ ही तहरीर देकर आग लगाने की धारा बढ़ाने की मांग की। इस पर एसआईटी ने जांच के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शुक्रवार को एसआईटी में शामिल पुलिस अधिकारी रसूलपुर गांव पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने परिवार वालों के अलावा गांव के तमाम लोगों से जानकारी ली। एसआईटी ने वह गेहूं का खेत भी देखा था जहां किसान की फसल जल गई थी।
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एसआईटी शुक्रवार को गांव गई थी। इस दौरान परिवार वालों ने कहा था कि पुलिस ने आग लगाने की धारा नहीं बढ़ाई है। इस पर उनसे कहा गया कि जो कमी लग रही है, उसे लिखकर दे दो। परिवार वालों ने एक तहरीर दी है। उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी