पोस्टमार्टम हाउस पर बैठे किसान के परिवार वाले। संवाद
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दहगवां (बदायूं)। जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव मालपुर ततेरा में 52 वर्षीय किसान प्रताप ने अपने बैलों की रस्सी का फंदा बनाकर जान दे दी। जब परिवार वालों ने बैलों के गले में रस्सी नहीं देखी तो उन्हें तलाश किया गया। उनका शव गांव के बाहर एक पेड़ से लटका मिला। परिवार वालों के मुताबिक प्रताप बैंक के कर्ज की वजह से कुछ दिन से परेशान चल रहे थे।
ग्राम मालपुर ततेरा निवासी 52 वर्षीय किसान प्रताप के चार बेटे हैं। चारों दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। एक बेटा बंटी रविवार को घर पर ही था। बंटी ने बताया कि सोमवार सुबह परिवार वाले सोकर उठे तो उन्होंने सबसे पहले बैलों की रस्सी गायब देखी। इससे परिवार वाले परेशान हो गए। वह यह जानने की कोशिश करने लगे कि आखिर उनके बैलों की रस्सी कौन और क्यों खोलकर ले गया है। उस समय उसके पिता भी घर पर मौजूद नहीं थे।
इससे बंटी और उसके परिवार वाले प्रताप को तलाश करने के लिए खेतों की ओर निकल गए, जहां गांव के कुछ दूर एक पेड़ पर प्रताप का शव फंदे से लटका हुआ मिला। उनके गले में बैलों की रस्सी का फंदा लगा था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से किसान का शव फंदे से उतरवाया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बंटी ने लिखकर दिया है कि उसके पिता बैंक के कर्ज की वजह से परेशान थे। पोस्टमार्टम के अलावा वह और कोई कार्रवाई नहीं चाहता।