बदायूं। डीएम कार्यालय से मंगलवार को पकड़े गए दोनों नटवरलाल के खिलाफ देर रात सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई। पुलिस ने उनके पास से एक कार, दो मोबाइल और कब्जा मुक्त कराने को लिए गए दो लाख रुपये बरामद किए । उन रुपयों का दोनों नटवरलाल बंटवारा कर चुके थे। दोनों को बुधवार दोपहर जेल भेज दिया गया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों सरकारी कर्मियों के तबादले का ठेका भी लेते थे।
एसआई कुलदीप कुमार ने बिल्सी के गांव परौली निवासी आसिफ खान और बिसौली के गांव नागपुर निवासी सुमित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह लक्जरी कार से डीएम कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कार में ही बैठकर डीएम को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह बनकर कॉल की थी। उसके बाद उनके कक्ष में पहुंचे थे और वहीं से वे पकड़े गए। पुलिस दोनों को सिविल लाइंस थाने ले गई। उनकी कार को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। उनसे पूछताछ की गई। उनके मोबाइल चेक किए गए। आसिफ खान के मोबाइल में दो सिम पड़े थे। उसने डीएम को कॉल करने के बाद कॉल हिस्ट्री से नंबर डिलीट कर दिया था लेकिन उसके व्हाट्सएप पर बड़ा सुबूत मिला। उसके नंबर पर एक मेसेज आया था जिसमें बिसौली में तैनात एक एसआई को दबतोरी चौकी और एक लेखपाल को मईबसई से बिसौली स्थानांतरित करने का बात की गई थी। इससे माना जा रहा है कि यह लोग सरकारी कर्मचारियों का तबादला कराने का ठेका भी लेते थे।
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खुद को मीडियाकर्मी बताता था सुमित
सुमित खुद को मीडियाकर्मी बताता था। उसके पास से एक आईकार्ड भी बरामद हुआ। वह थाना, कोतवाली और तहसील जाता था। वहां लोगों पर मीडियाकर्मी बनकर रौब भी झाड़ता था। इसके अलावा वह अपनी पहुंच बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह तक होने का दावा करता था। इससे कई लोग उसके झांसे में आ जाते थे।
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कई दरोगाओं से काम निकलवा चुका था आसिफ
आसिफ खान को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को फोन करना नया नहीं था। उसने कई दरोगाओं को फोन करके कई काम कराए थे।
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एएमयू से सीखा था संदीप सिंह की तरह बात करना
आसिफ खान अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी (एएमयू) से सिविल इंजीनियरिंग कर रहा था। पढ़ाई के दौरान उसने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पोते बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह को कई बार करीब से देखा। उनका संबोधन सुना और हावभाव परखा। फिर एक नया सिम खरीदा था। उसको ट्रूकॉलर पर स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के नाम से रजिस्टर्ड कराया। तभी उसके कॉल करने पर लोगों के मोबाइल पर स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री लिखकर आता था।
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दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्हें जेल भेज दिया गया है। विवेचना के आधार पर आगे कार्रवाई कराई जाएगी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी