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मिलावटी पनीर की फैक्टरी और 173 टिन नकली रिफाइंड पकड़ा

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म्याऊ में पकड़ी गई पनीर बनाने की फैक्टरी। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। पुलिस, जिला प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को शहर व म्याऊ इलाके में किराने की दुकानों पर छापे मारे। इस दौरान पांच दुकानों से नकली फॉर्च्यून रिफाइंड के 173 टिन बरामद हुए। इसके अलावा म्याऊ में पनीर बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई है। यहां से दूध और पनीर के नमूने लिए गए हैं। नकली रिफाइंड बरामदगी के दोनों मामलों में मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
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डीएम दीपा रंजन के आदेश पर शहर में एसडीएम सदर एसपी वर्मा, सीओ सिटी आलोक मिश्रा और सहायक आयुक्त खाद्य चंद्रशेखर मिश्र ने अभियान चलाया। उन्होंने शहर में नेहरू चौक की तीन दुकानों से नकली फॉर्च्यून रिफाइंड के 84 टिन बरामद किए। बताया जा रहा है कि नकली रिफाइंड काफी समय से बाजार में बिक रहा था। रिफाइंड के टिन पर लगा रैपर भी नकली बताया जा रहा है। टीम ने अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा म्याऊ में छापा मारा। अधिकारियों के मुताबिक म्याऊ में सखानू निवासी सचिन गुप्ता की शिव किराना स्टोर नाम से थोक की परचून की दुकान है। यहां से नकली रिफाइंड के 77 टिन और कमल प्रताप सिंह की दुकान से 12 टिन बरामद हुए हैं। म्याऊ के मामले में अलापुर थाने में सचिन गुप्ता व कमल प्रताप सिंह के खिलाफ फॉर्च्यून रिफाइंड कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि विभोर मानक ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है। रिफाइंड का नमूना ले लिया गया है। उसे जांच के लिए भेजा गया है।
इस दौरान म्याऊ में हजरतपुर रोड पर पनीर बनाने की एक फैक्टरी भी पकड़ी गई। यहां से दूध जैसा सफेद पदार्थ और केमिकल बरामद हुआ है। उसका भी नमूना लेकर जांच को भेजा गया है। पनीर फैक्टरी मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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म्याऊ में सूचना पर दो दुकानों पर छापा मारा गया। दोनों दुकानों से 89 टिन नकली फॉर्च्यून रिफाइंड और पनीर बनाने की एक फैक्टरी पकड़ी गई है। इन मामलों में नकली खाद्य सामग्री बेचने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
- रामशिरोमणि, एसडीएम दातागंज
बरेली से खरीदकर लाते थे नकली रिफाइंड, जिले भर में हो रही थी सप्लाई
बदायूं। जिले में बृहस्पतिवार को अलग-अलग दुकानों से बरामद नकली फॉर्च्यून रिफाइंड बरेली से खरीदकर लाया जा रहा था। म्याऊ और शहर में इसके गोदाम बनाए गए थे। जहां से जिले भर में सप्लाई होती थी। यह धंधा काफी समय से चल रहा था। एक दिन पहले कंपनी के अधिकारियों ने डीएम से शिकायत की। तब जिले भर में छापा अभियान चलाया गया।
अडानी बिल्मर लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि विभोर मानक ने बताया कि कंपनी को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि बदायूं जिले में नकली फॉर्च्यून रिफाइंड बेचा जा रहा है। इससे कंपनी को बड़ा नुकसान हो रहा है। इस पर कंपनी के अधिकारियों ने सीधे डीएम दीपा रंजन से मामले की शिकायत की। बृहस्पतिवार को डीएम के आदेश पर जिले भर में पुलिस, प्रशासनिक व खाद्य विभाग के अधिकारियों ने दुकानों पर छापा मारा। म्याऊ में दो दुकानों से 89 और शहर में तीन दुकानों से 84 टिन रिफाइंड बरामद हुआ। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने बताया कि शहर में एक व्यक्ति थोक में बरेली से रिफाइंड खरीदकर लाता है। उसने बदायूं और म्याऊ इलाके में अपने गोदाम बना लिए हैं। वही व्यक्ति जिले भर में ये रिफाइंड सप्लाई कर रहा था। उसके अलावा बरेली से कौन-कौन रिफाइंड खरीदकर ला रहे है। इसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। फिलहाल अलापुर थाने में सचिन गुप्ता और कमल प्रताप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जबकि शहर कोतवाली में तीन दुकानदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।
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तगड़ा मुनाफा कमा रहे थे धंधेबाज
छापा अभियान के दौरान अधिकारियों ने जानकारी की तो पता लगा कि फॉर्च्यून रिफाइंड का एक टिन करीब 2775 रुपये का मिलता है जिसमें करीब 15 लीटर रिफाइंड होता है। ये धंधेबाज इस रिफाइंड का टिन देहात के दुकानदारों को करीब 26 सौ रुपये में बेच रहे थे। जबकि यह लोग घटिया कैमिकल से बनाया जा रहा टिन आराम से दो हजार रुपये में खरीद कर ला रहे थे। इससे इन्हें तगड़ा मुनाफा हो रहा था।
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सदर कोतवाली में भी प्रदीप एंड संस, कार्तिकेय ट्रेडर्स व अजय ट्रेडर्स के खिलाफ संबंधित कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि की ओर से तहरीर दी गई है। पुलिस मामले में तीनों फर्म मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में स्थिति स्पष्ट करेगी।
- एसपी वर्मा, एसडीएम सदर
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डॉक्टर बोले- नकली रिफाइंड बड़ा खतरनाक
मिलावटी खाद्य तेल व रिफाइंड स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। तेल में रंगों के इस्तेमाल से किडनी के साफ्ट टिश्यू डैमेज होने लगते हैं। किडनी में पथरी बनने लगती है। रसायन मिला होने से हार्ट और आंत को नुकसान होता है। मिलावटी तेल प्रयोग करने से गर्भस्थ शिशु का जीवन संकट में पड़ जाता है। बच्चों का मानसिक विकास प्रभावित होता है। आमाशय और किडनी के कैंसर का भी खतरा रहता है।
-डॉ. राजेश वर्मा, फिजीशियन जिला अस्पताल
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खेड़ा नवादा और म्याऊ में बनाया जा रहा केमिकल वाला पनीर
बदायूं/म्याऊ। अलापुर थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार को छापा मारने के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। म्याऊ में पनीर बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई। साथ ही यह भी पता चला कि खेड़ा नवादा इलाके में भी नकली पनीर बनाया जा रहा है। इसमें कई तरह के केमिकल प्रयोग किए जा रहे थे। साथ ही इस पनीर को शहर व बरेली के देवचरा इलाके में सप्लाई किया जाता है। पनीर बनाने वाले के खिलाफ जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी।
म्याऊ कस्बे में केमिकल युक्त पनीर बनाते पकड़ा गया व्यक्ति सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा बुजुर्ग निवासी है। अधिकारियों के पूछने पर बताया कि उसने एक सप्ताह पहले ही हजरतपुर रोड पर दुकान किराये पर ली थी। इस दुकान में उसने पनीर बनाने का काम शुरू किया। दुकान का एक गेट पीछे खुला है। उस ओर खेत हैं। वहीं उसने भट्ठियां लगा रखीं हैं। वहीं दूध उबालकर पनीर बनाया जा रहा है। उसकी एक फैैक्टरी खेड़ा नवादा में चल रही है। वहां भी इसी तरह से पनीर बनाया जाता है। उस व्यक्ति ने बताया कि वह इस पनीर को शहर के अलग-अलग इलाकों में और बरेली के देवचरा में सप्लाई करता है।
जिस दौरान टीम ने उसकी दुकान पर छापा मारा, तब तक वह पनीर सप्लाई कर चुका था लेकिन दुकान के पीछे भट्ठियों पर दूध जैसा सफेद पदार्थ उबल रहा था। उसकी दुकान से कई केमिकल बरामद हुए हैं। जिससे इस पनीर को खाने से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
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म्याऊ में एक पनीर बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई है। हालांकि वहां से पनीर बरामद नहीं हुआ है लेकिन कई केमिकल बरामद हुए हैं। दूध जैसा एक सफेद पदार्थ भट्ठियों पर उबल रहा था। उसके समेत कई सैंपल लिए गए हैं। जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद पनीर बनाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्रशेखर मिश्रा, सहायक आयुक्त खाद्य

शहर में नेहरू चौक स्थित एक दुकान पर छापा मारते एसडीएम सदर एसपी वर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य चंद्रशेख- फोटो : BADAUN

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