कुंवरगांव के सिगोई गांव में जानकारी देता लखविंदर सिंह। संवाद
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कुंवरगांव (बदायूं)। पंजाब के कपूरथला निवासी लखविंदर सिंह को बिहार के आरा जिले में लूट लिया गया। बदमाशों ने उन्हें मरा जानकर छोड़ दिया। उन्हें जब होश आया तो एक गोशाला संचालक ने शरण दी। वह किसी तरह बदायूं पहुंचे। जहां लोगों ने उनके घर लौटने का इंतजाम किया है। उन्हें भोजन कराया और कपड़े भी दिए।
पंजाब प्रांत के कपूरथला निवासी लखविंदर सिंह (39) के मुताबिक वह कंबाइन खरीदकर लोगों के घर पहुंचाने का काम करते हैं। कुछ दिन पहले बिहार के एक व्यक्ति ने पंजाब से कंबाइन खरीदी थी। लखविंदर सिंह उसे पहुंचाने बिहार के आरा जिले गए थे। लौटते समय उन्होंने आरा जिले में हाईवे किनारे एक ढाबे पर खाना खाया। लखविंदर ने बताया कि वह ढाबे से कुछ दूर पहुंचे थे कि तभी तीन बाइक पर कई बदमाश वहां पहुंचे। उन्होंने लखविंदर सिंह से 45 हजार रुपये लूट लिए। उनके साथ खूब मारपीट की। उन्हें मृत समझकर सड़क किनारे डालकर भाग गए। काफी देर बाद उन्हें होश आया, तो वह पैदल चलकर गोशाला पहुंचे। गोशाला संचालक को आपबीती बताई। तब उसने उनका इलाज कराया, फिर पुलिस को तहरीर दी। वह गोरखपुर होते हुए किसी तरह बदायूं पहुंचे। उन्होंने बदायूं में एक बाइक सवार से आंवला जाने के लिए लिफ्ट मांगी लेकिन वह कुंवरगांव क्षेत्र के गांव सिगोई छोड़कर चला गया। लखविंदर सिंह ने गांव के मंदिर पर पहुंचकर कीर्तन कर रहे लोगों को पूरी घटना बताई। तब उक्त लोगों ने उन्हें आराम से बैठाया। भोजन कराया, कपड़े भी दिए और पंजाब लौटने का इंतजाम किया। इसके लिए लखविंदर ने उनका धन्यवाद किया।