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डॉक्टर और स्टाफ नर्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

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बदायूं। एक मरीज से गालीगलौज, अभद्रता व उसका इलाज न करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर डॉ. रिषिम अग्रवाल और एक स्टाफ नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मरीज ने पुलिस अधिकारियों से भी कार्रवाई की मांग की थी लेकिन मामला दर्ज नहीं होने पर न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया गया।
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दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव दियोरी निवासी पप्पू पुत्र जयपाल के मुताबिक 18 मार्च 2020 की रात उनकी नाक से अधिक खून बह रहा था। इस पर परिवार वालों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। काफी समय तक उनका इलाज नहीं हुआ। तब उनके परिवार वालों ने स्टाफ नर्स से इलाज न करने के बारे में पूछा। स्टाफ नर्स ने बताया कि उनकी भर्ती वाली फाइल खो गई है। आरोप है कि अगले दिन डॉ. रिषिम अग्रवाल ने आकर उनसे नाम और जाति पूछी। आरोप है कि जब उन्होंने खुद को अनुसूचित जाति का बताया तो डॉक्टर बौखला गए। उन्होंने गालीगलौज करते हुए कहा कि वह उसका इलाज नहीं करेंगे। अगर अपनी फाइल तलाश करानी है तो दो हजार रुपये की व्यवस्था करो। परिवार वालों ने काफी मिन्नतें की लेकिन इलाज नहीं किया गया। इस पर परिवारवाले उन्हें बरेली ले गए। इलाज कराने के बाद उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में पप्पू ने अपने अधिवक्ता अजय सिसौदिया के माध्यम से स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट की अदालत में 156 (3) सीआरपीसी के तहत परिवाद दायर कराया। एक अप्रैल को स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट महेंद्र सिंह तृतीय ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। अब सदर कोतवाली पुलिस ने डॉ. रिषिम अग्रवाल और उस दौरान तैनात स्टाफ नर्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। रिषिम अग्रवाल इन दिनों राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात हैं। संवाद
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