बदायूं। जरीफनगर थाने से मेडिकल परीक्षण को लाई गई किशोरी शुक्रवार रात महिला अस्पताल से लापता हो गई। उसकी सुरक्षा में दो महिला पुलिस कर्मियों को भी लगाया गया था। रात 12 बजे अचानक उनकी आंख खुली, तब उन्होंने किशोरी को वन स्टॉप सेंटर से गायब देखा। बाद में रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और उसके गांव में जाकर तलाश किया गया लेकिन शनिवार शाम तक उसका कोई सुराग नहीं लगा।
महिला अस्पताल से गायब किशोरी जरीफनगर थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी है। बताते हैं कि जरीफनगर के नजदीकी गांव में उसकी बड़ी बहन ब्याही है। इससे किशोरी भी अक्सर अपनी बहन के घर आती-जाती थी। कुछ दिन पहले किशोरी और उसकी बहन के पड़ोस का लड़का अचानक लापता हो गए। इससे किशोरी के परिवार वालों ने लड़के के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। तब से पुलिस उन्हें तलाश कर रही थी। दो दिन पहले किशोरी स्वयं थाने पहुंची। बताया कि उसने लड़के से शादी कर ली है। शुक्रवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिए बदायूं भेजा। दिन में उसका मेडिकल परीक्षण करा दिया गया था लेकिन कोर्ट में बयान दर्ज नहीं हो पाए थे। इससे किशोरी को महिला अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर में रोका गया। उसकी सुरक्षा में महिला कांस्टेबल मेनका और शिवानी को लगाया गया था। दोनों पुलिस कर्मी रात दस बजे वन स्टॉप सेंटर में सो गईं। रात 12 बजे अचानक उनकी आंख खुली, तब उन्होंने किशोरी को गायब देखा। उन्होंने जरीफनगर इंस्पेक्टर मनोज कुमार को सूचना दी। इससे थाना पुलिस भी रात में ही महिला अस्पताल पहुंच गई। बाद में किशोरी को रोडवेज बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन समेत शहर के तमाम स्थानों पर तलाश किया गया। शनिवार को पुलिस उसके गांव भी गई लेकिन पुलिस को किशोरी नहीं मिली। इसमें दोनों महिला पुलिस कर्मियों की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। अभी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।
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लड़की हाईकोर्ट में पेश हुई थी। वहां से वह खुद ही थाने आई थी लेकिन स्थानीय कोर्ट में उसके बयान दर्ज नहीं हो सके थे। इसलिए उसे वन स्टॉप सेंटर भेजा गया था। रात में वह पानी पीने बाहर गई थी। तभी कहीं निकल गई। उसे तलाश किया जा रहा है।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात