फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व विधायक के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस ने लगाई फाइनल रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। शहर कोतवाली में पूर्व विधायक दयासिंधु शंखधार और उनके परिवारवालों के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। ये मामला उनके ही एक रिश्तेदार ने दर्ज कराया था। तब से कोतवाली पुलिस जांच कर रही थी। अब पुलिस ने मामला फर्जी मानते हुए एफआर लगा दी है। इस पर वादी हरीश चंद्र मिश्रा ने कोतवाली पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

पांच जनवरी 2022 को शहर के जालंधरी सराय मोहल्ला निवासी रिटायर्ड इंजीनियर हरीश चंद्र मिश्रा उर्फ मनोज ने एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक 28 साल से पूर्व विधायक दयासिंधु शंखधार, उनकी पत्नी शशिबाला शंखधार, बेटा सौरभ शंखधार, पुत्रवधू मोली शंखधार, भाई संजय शंखधार, दामाद रामनरेश मिश्रा, बेटी सुरिभ उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे। सारी संपत्ति हड़पना चाहते थे। इससे वह अपनी बुजुर्ग मां को लेकर दूसरे स्थान पर चले गए।
आरोप था कि उनके सगे भाई रामनरेश मिश्रा तक ने उनके खिलाफ साजिश रची। इससे वह आत्महत्या करने को मजबूर थे। उन्होंने थक हारकर पुलिस को पत्र दिया, जिससे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। तब से पुलिस मामले की विवेचना कर रही थी।
विज्ञापन

हरीश चंद्र मिश्रा का दावा है कि कोतवाली पुलिस ने उन्हें कई बार कॉल की। बार-बार उन्हें फैसला करने का दबाव बनाया गया। उनका उत्पीड़न किया गया लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने उनके मामले में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी। हरीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि अब वह न्यायालय की शरण लेंगे। कोतवाली पुलिस ने उनके साथ अन्याय किया है। पुलिस आरोपियों से मिल गई थी। इससे उनके मामले में एफआर लगा दी गई।
विज्ञापन

-
शहर कोतवाली में दर्ज इस मामले में आरोपों के अनुसार सुबूत नहीं मिल रहे थे। इस आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की होगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें