बदायूं। शहर के कबूलपुरा मोहल्ले में शारिक की हत्या चुनावी बहस पर नहीं बल्कि पुरानी रंजिश में हुई थी। एक दिन पहले शारिक और खालिद के बीच विवाद हुआ। इसी बात को लेकर 19 फरवरी की रात उनमें बहस हुई। दोनों ने एक-दूसरे को हैसियत दिखाने की बात कही। जिससे मामला बिगड़ गया और खालिद ने तैश में आकर शारिक को गोली मार दी। बृहस्पतिवार को रिमांड पर लिए गए खालिद ने यह सारी बातें पुलिस को बताईं। उसकी निशानदेही पर तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।
19 फरवरी की रात कबूलपुरा मोहल्ले में 30 वर्षीय शारिक उर्फ खिल्लू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी खालिद सिद्दीकी मौके से फरार हो गया था। तीन दिन बाद वह कोर्ट में सरेंडर हो गया। कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उसे रिमांड पर लिया। सबसे पहले उसका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। उसके बाद पुलिस खालिद को छोटे सरकार के कब्रिस्तान ले गई। जहां पुलिस ने उसकी निशानदेही पर तमंचा बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान खालिद सिद्दीकी ने पहले अपना जुर्म कबूल नहीं किया। जब उसके सामने प्रत्यक्षदर्शियों को लाया गया। उन्होंने बात शुरू की तो खालिद ने गोली मारने की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि एक दिन पहले शारिक से उसका विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर 19 फरवरी की रात उससे बहस हो गई। वह कह रहा था कि मेरी 25 हजार रुपये की हैसियत नहीं है। इस पर मैने भी उसकी हैसियत न होने की बात कह दी, जिससे गालीगलौज हो गई। इससे गुस्से में आकर शारिक को गोली मार दी। इस दौरान कोई चुनाव पर बहस नहीं हुई थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने ढाई बजे खालिद को जेल भेज दिया।
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शारिक की हत्या किसी चुनावी बहस पर नहीं हुई थी। उनके बीच एक दिन पहले विवाद हुआ था। उसी बात को लेकर 19 फरवरी की रात भी विवाद हुआ। दोनों में गालीगलौज हुई। तभी खालिद ने उसको गोली मार दी। जब खालिद को रिमांड पर लिया गया तो उसने ये सारी बातें बताईं।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी