बदायूं। दातागंज कोतवाली क्षेत्र में दिव्यांग निर्दोष कुमार से नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 19 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने निर्दोष कुमार को बरेली के एक स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया, लेकिन जब वह नियुक्ति पत्र लेकर स्कूल पहुंचा तब उसे ठगी का पता चला। उसने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
निर्दोष कुमार पुत्र बांधराज मूलरूप से दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव सिसैइया गुसांई कानिवासी है। निर्दोष कुमार के मुताबिक वह बचपन से दिव्यांग हैं। साल 2016 में उसके गांव का अनूप कुमार, उसका पिता रामौतार और साला अमित कुमार उर्फ रिंकू निवासी गांव भटौली उसके पास आए। बोले-तुम्हें दिव्यांग कोटे में सरकारी नौकरी मिल जाएगी, तुम्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम तुम्हारी नौकरी लगवा देंगे। इसके लिए तुम्हें 20 लाख रुपये खर्च करने होंगे। आरोपी उसके गांव के थे। इससे उसे विश्वास हो गया और उसने जेवर बेचकर कुछ लोगों से उधार लेकर आरोपियों को करीब 19 लाख रुपये दे दिए। आरोपियों ने रुपये लेने के बाद उसका चरित्र और निवास प्रमाण पत्र भी बनवाया। फिर अभिनव समाजवादी जूनियर हाईस्कूल (उच्चीकरण न्यू मॉडल) बेबल बसंतपुर बरेली के नाम का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर एक नियुक्ति पत्र दे दिया। निर्दोष कुमार नियुक्ति पत्र लेकर संबंधित स्कूल पहुंचा तो वहां पता चला कि उसे दिया गया नियुक्ति पत्र फर्जी है। उसने आरोपियों से रुपये मांगे लेकिन उन्होंने वापस नहीं किए। इस संबंध में उसने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी पर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इस पर उसने न्यायालय की शरण ली। अब पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर अनूप कुमार, उसके पिता रामौतार और साले अमित कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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जेल में है एक आरोपी
ठगी के मामले में नामजद आरोपी अमित कुमार बरेली जेल में है। बताते हैं कि उसके खिलाफ रामपुर जिले में भी एक मामला दर्ज है।
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ये मामला काफी पुराना है। न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कराई जा रही है। जिसके आधार पर ही कार्रवाई कराई जाएगी।
- प्रेम कुमार थापा, सीओ दातागंज