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भीड़ ने व्यापारी नेता को जमकर पीटा

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बिल्सी (बदायूं) में व्यापारी नेता को पीटते हुए कोतवाली ले जाती भीड़। संवाद - फोटो : BADAUN
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बिल्सी (बदायूं)। इस्लामनगर रोड पर बाबा गोरखनाथ धाम जाहरवीर बाबा के मंदिर की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में भीड़ ने एक व्यापारी नेता को पकड़कर पीट दिया। उसके गले में जूते-चप्पलों की माला डाल दी। पुलिस ने किसी तरह उसको भीड़ से छुड़ाया। बाद में शांतिभंग में चालान कर दिया। अवधेश पहले एक व्यापारिक संगठन का जिला संगठन मंत्री रह चुका है पर फिलहाल पद पर नहीं है। वैसे वह सत्तारूढ़ पार्टी के कुछ नेताओं के संपर्क में रहता है और उनके साथ कार्यक्रमों में सहभागिता करता नजर आता है।
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बिजनौर बदायूं हाईवे पर कस्बे में गोरखनाथ धाम व जाहरवीर बाबा का प्राचीन मंदिर है। मंदिर की करोड़ों की जमीन है। स्थानीय लोगों के मुताबिक उस पर भूमाफिया की नजर है। आरोप है कि शुक्रवार सुबह मोहल्ला संख्या आठ निवासी व्यापारी नेता अवधेश लड्डा अपने कुछ साथियों के साथ मंदिर की जमीन पर निर्माण कराने पहुंचा। सूचना पर काफी संख्या में महिला-पुरुष मौके पर पहुंच गए। उन्होंने व्यापारी नेता को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान व्यापारी नेता ने समझाने की कोशिश की लेकिन भीड़ नहीं मानी। लोग पिटाई करते रहे।
व्यापारी नेता ने भागने की कोशिश भी की तो गुस्साई भीड़ ने उसके गले में जूते-चप्पलों की माला डाल दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल लोगों को समझाकर व्यापारी नेता को छुड़ाया और थाने ले गई। पीछे से भीड़ भी थाने पहुंच गई। लोगों ने लड्डा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने लोगों को समझाकर भेजा। बाद में इंस्पेक्टर धीरज सिंह सोलंकी ने अवधेश लड्डा का शांतिभंग में चालान कर दिया। शाम को कोर्ट ने पांच लाख के निजी मुचलके पर उसे जमानत दे दी।
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व्यापारी नेता बोला- मंदिर का जीर्णोद्धार करा रहा था
अवधेश लड्डा का कहना है कि वह मंदिर का जीर्णोद्धार करा रहा था। वह मंदिर के ट्रस्ट का पदाधिकारी भी हैं। कुछ लोग शराब के नशे में आए और उसके साथ मारपीट की। योजनाबद्ध तरीके से हमला किया और जूते-चप्पलों की माला भी पहनाई। पुलिस ने भी उसकी बात नहीं सुनी। जमीन पर कब्जा करने का आरोप गलत है।
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पहले पिट चुका है सराफा व्यवसायी
कुछ साल पहले इसी मंदिर की जमीन पर कब्जा करने के मामले में एक सराफा व्यवसायी भी पिट चुका है। बताते हैं कि वह जेसीबी लेकर मंदिर को ढहाने पहुंचा था। उसने कब्जा करने की कोशिश की थी। भीड़ ने उसकी पिटाई लगा दी थी। उसके बाद वह वापस नहीं आया।
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भूमाफिया की धर्मस्थल की जमीन पर निगाहें लगी रहती हैं। वह कुछ लोगों के माध्यम से धीरे-धीरे कब्जा कर लेते है और मौका पाते ही उसे बेच देते हैं। आज जिस व्यापारी नेता के साथ मारपीट हुई है। उस पर भी जमीन कब्जाने का आरोप है। फिलहाल शांतिभंग में चालान कर किया गया है।
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-अनिरुद्ध सिंह, सीओ बिल्सी
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