बदायूं। नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने के मामले में नामजद आरोपी को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश ने पॉक्सो एक्ट में दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम युवक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने का मामला थाना जरीफनगर क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी व्यक्ति ने थाने पर 17 जून 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक चार मई 2015 को उसके घर में रह चुके किराएदार नीरेश पुत्र बलराम निवासी भालासईया थाना सैफई जिला इटावा उसकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर ले गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद नीरेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस ने 20 अप्रैल 2016 को कोर्ट में नीरेश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज पॉक्सो/ अपर सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने नीरेश पुत्र बलराम निवासी भालासईया थाना सैफई जिला इटावा को नाबालिग किशोरी को अगवा कर ले जाने के मामले में मुजरिम ठहराया। कोर्ट ने नीरेश को दस साल की सजा सुनाई और मुजरिम पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।