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हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास

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बदायूं। शादी समारोह के दौरान हंसी मजाक को लेकर की गई हत्या के जुर्म में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश देवराज प्रसाद सिंह ने तीन सगे भाइयों को मुजरिम ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 47 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
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यह हत्या की वारदात थाना उझानी क्षेत्र के गांव तेहरा में करीब साढ़े पांच साल पहले हुई थी। वहां निवासी चिरौंजी लाल पुत्र दर्शन प्रजापति ने 11 जून 2015 को हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक चिरौंजी लाल की भतीजी राजो की शादी थी। शादी समारोह में उसके छोटे भाई मोरपाल और तेहरा गांव के रहने वाले राजपाल के ममेरे भाई कल्लू के बीच हंसी मजाक को लेकर कहासुनी हो गई थी। उसी दौरान दोनों के बीच गाली गलौज होने लगी। शादी में आये रिश्तेदारों ने उस मामला शांत करा दिया। रात में करीब 11 बजे चिरौंजी लाल व उनका दूसरा भाई शेर सिंह उर्फ नन्हें दरवाजे पर खड़े थे। तभी वहां गांव के महेश, मुकेश और राजपाल पुत्र लीलाधर पहुंच गये। महेश ने चाकू से शेर सिंह उर्फ नन्हें को जान से मारने की नीयत से गर्दन पर वार किया। मुकेश और राजपाल ने लाठी से हमलाकर मारपीट की। इसमें शेर सिंह, चिरौंजी और उनके रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हुए थे। उझानी अस्पताल ले जाने पवर डॉक्टर ने शेर सिंह को मृत घोषित कर दिया था।
चिरौंजीलाल की ओर से महेश, उसके भाई मुकेश व राजपाल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। न्यायाधीश देवराज प्रसाद सिंह ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने हत्या में नामजद महेश, मुकेश और राजपाल को मुजरिम ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने तीनों भाइयों पर 47 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
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