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बीएसए कार्यालय में शराब पीने के बाद लिपिक और अनुदेशक में मारपीट

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बदायूं। बीएसए कार्यालय बृहस्पतिवार सुबह अखाड़ा बन गया। कार्यालय के दो लिपिक और एक अनुदेशक ने पहले साथ बैठकर शराब पी, फिर नशा चढ़ा तो उनमें किसी बात को लेकर बहस हो गई, जो कुछ ही देर बाद मारपीट में बदल गई। बीएसए कार्यालय में मारपीट और हंगामा होने से अफरातफरी मच गई। बीएसए की सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। बाद में उनका शांतिभंग में चालान कर दिया गया। वहीं बीएसए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं।
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बीएसए कार्यालय में तैनात दो लिपिक और जगत ब्लॉक क्षेत्र में तैनात अनुदेशक गुरुवार सुबह करीब साढ़े दस बजे कार्यालय में ही शराब पी रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शराब पीते-पीते जब नशा चढ़ा तो उनके बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। फिर एक-दूसरे के साथ गाली गलौज करने लगे। देखते ही देखते तीनों आपस में भिड़ गए। उनके बीच मारपीट शुरू हो गई। कार्यालय में हंगामा होने पर तमाम कर्मचारी इकट्ठे हो गए। उन्होंने बीच बचाव कराने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
आखिर में बीएसए रामपाल सिंह राजपूत उठकर अपने कमरे से बाहर आए और लिपिकों की हरकत देखकर उन्होंने सिविल लाइंस पुलिस को सूचना दी। थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों कर्मचारियों को थाने ले गई। बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने दोनों लिपिक और अनुदेशक के खिलाफ तहरीर दी है। उनका आरोप है कि तीनों लोग शराब के नशे में थे। एक-दूसरे से गाली गलौज कर कार्यालय का माहौल खराब कर रहे थे। उन्होंने थाना पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। इधर, पुलिस ने दोनों लिपिक और अनुदेशक का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद शांतिभंग में चालान कर दिया।
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दोनों लिपिक और अनुदेशक शराब पीये हुए थे। एक-दूसरे के साथ गाली गलौज कर रहे थे, इससे कार्यालय का माहौल खराब हो रहा था। पुलिस ने तीनों का मेडिकल परीक्षण कराया है। अभी मेरे पास उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। जैसे ही रिपोर्ट आती है। उसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। - रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
शराब पीकर मारपीट और गाली गलौज की सूचना पर पुलिस बीएसए कार्यालय पहुंची थी। पुलिस तीनों को लेकर थाने आई। उनका मेडिकल परीक्षण करा दिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई है। इससे तीनों का शांतिभंग में चालान कर दिया गया है। अगर तहरीर आती है तो रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सुधाकर पांडेय, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस
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