बदायूं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से दो बार विधायक रहे सिनोद कुमार शाक्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उन पर अनुशासन हीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगा है। इस संबंध में सिनोद कुमार शाक्य ने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पार्टी का जो निर्णय होगा, उसे माना जाएगा। पूर्व विधायक पर यह कार्रवाई पार्टी के जिलाध्यक्ष द्वारा की गई है।
गुरुवार को बसपा के जिलाध्यक्ष लाखन सिंह ने पत्र जारी कर बताया कि सिनोद कुमार शाक्य पार्टी से दातागंज विधानसभा से चार बार विधायक का चुनाव लड़े। 2002 में चुनाव हार गए थे। 2007 में वे विधायक चुने गए। 2012 में दोबारा जीते। इसके बाद वर्ष 2017 में चुनाव हार गए। कुछ समय से वह दूसरे दलों के संपर्क में हैं। उन्हें कई बार समझाया गया था। मंडल के अधिकारियों ने भी उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने और लगातार अनुशासन हीनता कर रहे थे। इस कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पार्टी से निष्कासित करने से पूर्व उन्होंने प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी इससे अवगत करा दिया है।
दातागंज के पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य पार्टी से दो बार चुनाव जीत चुके हैं। उनके द्वारा अनुशासनहीनता की शिकायतें आ रहीं थीं। वह विरोधी पार्टियों के संपर्क में थे। कई उन्हें समझाया गया था। मंडल स्तर से भी अधिकारियों ने समझाया लेकिन वह नहीं माने। हमने उन्हें पार्टी से निष्कासित किया है। इस संबंध में हमने प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष को सूचना दे दी है।
- डॉ. लाखन सिंह, बसपा जिलाध्यक्ष
- मैं मायावती को मानता हूं। कांशीराम को मानता हूं। अब जो पार्टी कहेगी, हम उसे मानेंगे लेकिन पार्टी से निकालने के संबंध में हमारे पास कोई जानकारी नहीं है और न ही हमें कोई सूचना दी गई है। जिलाध्यक्ष किस वजह से ऐसा कह रहे हैं। ये तो वही जानते होंगे। फिलहाल मेरे पास कोई सूचना नहीं आई है।
सिनोद कुमार शाक्य, पूर्व विधायक दातागंज