उझानी (बदायूं)। गंगा किनारे कछला खाम की हजारों बीघा कृषि योग्य भूमि पर कब्जे को लेकर गुटबंदी बढ़ने लगी है। पिछले दिनों ऐसी ही एक शिकायत डीएम तक पहुंची तो तहसीलदार सदर के लिए हकीकत का पता लगाने के लिए अधिकृत कर दिया गया। रविवार को तहसीलदार सदर कछला पहुंचे और राजस्व कर्मियों के जरिए लोगों से जमीन के इंतखाब पेश करने को मुनादी करा दी। इंतखाब देखने के बाद ही राजस्व विभाग खाम की जमीनों की पैमाइश करेगा।
कछला के बहोरा नगला रकबा में ही खाम की करीब डेढ़ हजार बीघा जमीन है। गंगा किनारे के कई और गांवों में भी खाम की जमीनों को लेकर कब्जे के मामले सामने आते रहे हैं। गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद खाम की जमीनों पर लोगों ने कब्जे भी करने शुरू कर दिए। बताते हैं कि जमीनें तो इलाके के लोगों की ही हैं लेकिन बेतरतीब कब्जे की वजह से पांच दिन पहले बहोरा नगला के कुछ लोगों में गुटबंदी बढ़ने पर मामला अफसरों के संज्ञान में पहुंचा। बहोरा नगला के व्यक्ति ने डीएम से भी शिकायत कर दी।
तहसीलदार सदर रामनयन सिंह ने रविवार को कछला पहुंचकर हकीकत का पता लगाने की कोशिश की। खाम की जमीनों पर मालिकाना हक का दावा करने वाले लोगों से कहा गया है कि वे सोमवार तक अपने इंतखाब इलाके के लेखपाल के पास जामा कर दें। मुनादी के कुछ देर बाद ही 15 लोगों ने कछला चौकी पर पहुंचकर लेखपाल को इंतखाब सौंप दिए। बाकी के लोगों के लिए सोमवार तक की मोहलत दी गई है। इसके बाद राजस्व कर्मियों की टीम मौके पर पहुंचकर जमीनों की पैमाइश करेगी। वास्तविक मालिकों को जमीन पर कब्जा करने के बाद बाकी बची जमीन पर राजस्व विभाग के अफसर निर्णय लेंगे।
कुछ लोग जमीन को लेकर आपस में झगड़ा कर रहे थे। ऐसे में उनसे इंतखाब मांगे थे, ताकि उसी के हिसाब से उनको जमीन मुहैया करा दी गई। लोगों ने शनिवार को अपने इंतखाब दिखाए हैं, जो लोग रहे है वह सोमवार को अपने इंतखाब दिखाएंगे। उसके बाद में उन लोगों को जमीन पर कब्जा दिलवा दिया जाएगा।
-रामनयन सिंह, तहसीलदार