बदायूं। शुक्रवार रात सिविल लाइंस इलाके में हुई महिला की हत्या के मामले में सुबह पर्दाफाश हो गया। उसका हत्यारोपी कोई और नहीं बल्कि उसका पति ही निकला। उसने नेहा से नाम बदलकर शादी की थी। कुछ दिन बाद उसे पता चला तो नेहा ने विरोध किया। इस पर आरोपी उसके साथ आए दिन मारपीट करता था। शुक्रवार रात वह अपने घर लौट रही थी, तभी रास्ते में आरोपी ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। इस संबंध में महिला के भाई ने आरोपी पति समेत दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लोटनपुरा निवासी आशीष पुत्र राज द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक वह तीन भाई और दो बहनें थीं। उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है। उसकी मां दो भाइयों और एक बहन के साथ उसकी नानी के घर बरेली चली गई। तब से वह बरेली में ही रह रहे हैं। जबकि उसकी छोटी बहन नेहा उसके ताऊ सरवन के घर रहती थी। उन्होंने ही उसे बीए तक पढ़ाया। उसके बाद नेहा ने आसिफ उर्फ बाबा पुत्र सकिल निवासी शेखूपुर से प्रेम विवाह कर लिया। ये दोनों दिल्ली चले गए। नेहा के शादी करने पर उसके परिवार वालों ने उससे रिश्ता तोड़ दिया लेकिन कुछ समय बाद नेहा को पता चला कि आसिफ ने केवल शादीशुदा है बल्कि उसके बच्चे भी हैं। और तो और उसने अपना नाम बदलकर उससे शादी की थी। आसिफ ने नेहा को अपना नाम राजकुमार बताया था। नेहा के सामने जब ये असलियत आई तो वह दंग रह गई। उसने आसिफ से इसके बारे में कहा। तभी से आसिफ नेहा के साथ मारपीट कर रहा था। लगातार उत्पीड़न कर रहा था।
इसके बाद नेहा घर लौटने का विचार करने लगी थी। उसने आशीष से इसके बारे में बताया था। इस घटना से कुछ दिन पहले ही उसकी फोन पर बात हुई। तब उसने कहा था कि वह दो चार दिनों में बदायूं आने वाली है, तभी लोटनपुरा आएगी। दो तीन दिन पहले वह शेखूपुर पहुंची थी। शुक्रवार रात वह शेखूपुर से शहर आ रही थी तभी आसिफ ने अपने दोस्त उझानी निवासी बबलू के साथ मिलकर गांव जहानाबाद के पास उसको गोली मार दी। मरणासन्न अवस्था देखकर वह अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। ऐसा करके आसिफ का मानना था कि वह आरोप नेहा के भाई पर लगा देगा और खुद बच जाएगा, लेकिन पुलिस ने उसे ले जाकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा सच उगल दिया। पुलिस ने आशीष की तहरीर पर आसिफ उर्फ बाबा और बबलू के खिलाफ धारा 302 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
हिंदू धर्म के अनुसार की थी शादी
महिला की हत्या के मामले में उसके भाई द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में हालांकि आसिफ के नाम बदलने का कोई जिक्र नहीं किया गया है लेकिन उसके नजदीकी और अन्य लोग यही बता रहे हैं कि आरोपी नेहा से अपना नाम राजकुमार बताकर मिलता था। इसलिए नेहा भी शादी करने को तैयार हो गई थी। उसने हिंदू धर्म के अनुसार ही शादी की थी लेकिन कुछ दिन से बाद उसे ये सब पता चल गया। इससे नेहा काफी दुखी थी। उसके सामने दो झूठ आए थे कि एक तो आसिफ दूसरे धर्म का था और वह शादीशुदा था।
परिजनों ने शव लेने से किया इनकार
शुक्रवार रात नेहा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बारे में नेहा के परिवार वालों को पता चल गया था लेकिन वह उसे देखने नहीं पहुंचे। यह बात और थी कि पुलिस आसिफ के कहने पर उसके घर पहुंची थी। उसके भाई और अन्य लोगों को थाने ले गई थी। परिवार वाले उसे देखने अस्पताल, मोर्चरी या पोस्टमार्टम हाउस तक नहीं पहुंचे।
विश्व हिंदू परिषद बोला-हम कराएंगे अंतिम संस्कार
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष सुनील राठौर ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि नेहा हिंदू थी। उसे धोखे में रखकर उत्पीड़न किया गया। उसके साथ नाम बदलकर शादी की। मारपीट की, वह घर लौटना चाहती थी तो उसकी हत्या कर दी गई। अब उसके शव के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। अगर परिवार वाले उसका शव नहीं लेंगे तो विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता विधि विधान से उसका अंतिम संस्कार करेंगे।
नेहा की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके पति आसिफ ने की है। प्रथम दृष्टया इसकी जांच से पता चला है कि नेहा के शादी करने के कुछ दिन बाद उसे जानकारी हुई कि आसिफ शादीशुदा है। उसके बच्चे हैं। इससे रोजाना मारपीट होती थी। वह घर लौटना चाह रही थी। तभी रास्ते में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। आरोपी को जेल भेजने की तैयारी चल रही है जबकि उसके सहयोगी बबलू को तलाश किया जा रहा है।
संकल्प शर्मा, एसएसपी