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जिले में खंगाला जा रहा अपराधियों का रिकॉर्ड, छांटे जाएंगे टॉपटेन बदमाश

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बदायूं। कानपुर कांड में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की शहादत के बाद पुलिस अब सजग होती दिखाई दे रही है। दबिश के दौरान सावधानियों को लेकर उच्च अधिकारियों ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। साथ ही प्रदेश में ऑपरेशन क्लीन के तहत जिले में नामी, इनामी अपराधियों की कुंडली तैयार की जा रही है। विकास दुबे मामले में पुलिस और शासन की फजीहत हो चुकी है जिसके बाद अब शासन चूक नहीं होने देना चाहता। इसे लेकर सावधानी बरती जा रही है। माना जा रहा है कि अब जिले में अपराधियों की भी लिस्टिंग शुरू की जा रही है। पुलिस विभाग जिले के अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाल रहा है।
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कानपुर कांड के बाद प्रदेश सरकार और ज्यादा सख्त हो गई है। इस पर सरकार ने कड़ा एक्शन लेते हुए जिले की पुलिस को अपराधियों की हिस्ट्री खंगालने के आदेश दिए हैं। इस समय जिले के पुलिस अधिकारी और थानेदार अपराधियों का रिकॉर्ड खंगालने में जुट गए हैं। हालांकि इस समय मंडल स्तर और प्रदेश स्तर की सूची में बदायूं जिले के किसी अपराधी का नाम सामने नहीं आया है। जिला स्तर पर अपराधियों की सूची काफी लंबी बताई जा है। जिले की पुलिस ने अपराधियों की छंटनी शुरू कर दी है। टॉपटेन बदमाशों की सूची बनाने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके बाद बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई का दौर शुरू किया जाएगा।
वर्ष 2019 से लापता हैं 181 हिस्ट्रीशीटर
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान पुलिस ने अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला था। तब जिले के 1860 हिस्ट्रीशीटरों के नाम सामने आए थे। उनमें 138 जेल में बंद थे। नौ फरार थे। एक को भगोड़ा घोषित किया जा चुका था जबकि 181 ऐसे हिस्ट्रीशीटरों के नाम सामने आए थे। इनके बारे में खुद पुलिस पता नहीं लगा सकी थी।
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रेकी और ब्रीफिंग के बाद दबिश
कानपुर कांड के बाद पुलिस ने दबिश के दौरान सावधानियों को लेकर प्लान तैयार किया है। बताते हैं कि पुलिस मुख्यालय से इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश सभी अधिकारियों और थानों को दिए गए हैं। इसके तहत अब दबिश से पहले अपराधी की रेकी की जाएगी। दबिश से पहले ब्रीफिंग और डीब्रीफिंग की जाएगी। इसके साथ ही दबिश में शामिल पुलिसकर्मी बड़ी लेयर में चलेंगे। रात के समय दबिश के दौरान पुलिसकर्मियों के पास विशेष लाइट रहेगी। इस दौरान पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ किट और वायरलैस सेट से लैस रहेंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस समय जिले के अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पहले थानावार अपराधियों का रिकॉर्ड मांगा गया है। उसके बाद जिलावार उनकी सूची बनाई जाएगी। बाद में उसके अनुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल, अपराधियों की रिकॉर्ड तैयार होने के बाद ही पता लगेगा कि जिले में कितने अपराधी हैं।
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- प्रवीन कुमार चौहान, एसपी सिटी
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