इस्लामनगर (बदायूं)। पांच साल से इस्लामनगर पुलिस जिस 25 हजार के इनामी बदमाश को खोज नहीं पाई, बुधवार रात अचानक उससे पुलिस की मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार दोनों ओर से हुई फायरिंग में बदमाश के पैर में गोली लगी जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
25 हजार का इनामी बदमाश फहीम उर्फ नब्बू पुत्र चमन खान दिल्ली में भजनपुरा इलाके में मोहल्ला नूर ए इलाही का रहने वाला है। वर्ष 2015 में फहीम अपने सगे भाई सलमान के साथ इस्लामनगर कस्बे में उर्स का मेला देखने आया था। उसी दौरान मेले में उसने सहसवान कोतवाली से ड्यूटी पर आए दरोगा कृपाल सिंह और सिपाही दीपक कुमार से मारपीट की थी। इसमें दोनों पुलिसकर्मी घायल हुए थे। यही नहीं, इन बदमाशों ने पहले पुलिस कर्मियों के साथ मेले में मारपीट की और बाद में सरकारी गाड़ी पर हमला बोल दिया था। पथराव कर पुलिस की गाड़ी तोड़ डाली। उसके बाद मौके से फरार हो गए। बाद में पुलिस ने सलमान को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था लेकिन फहीम फरार चल रहा था।
बुधवार रात दो बजे इस्लामनगर पुलिस और एसओजी टीम को सूचना मिली कि 25 हजार का इनामी बदमाश फहीम चंदौसी रोड पर बाइक लेकर जा रहा है। उसी समय पुलिस टीम ने बदमाश की बर्रई पुल के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर फहीम ने अपनी बाइक खेतों की ओर दौड़ा दी। उसके बाद पुलिस से मोर्चा संभाल लिया। दोनों ओर से फायरिंग हुई जिसमें बदमाश सीधे पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। रात में ही उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसे भर्ती करा दिया गया है। फहीम के ऊपर करीब दो दर्जन मुकदमें चल रहे हैं।
पांच साल, आठ थानेदार और बीस बार रवानगी तो भी नहीं पकड़ा गया बदमाश
बुधवार रात मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश की ननिहाल इस्लामनगर के मोहल्ला हाता में है। वह अक्सर छिपने के लिए ननिहाल आता जाता रहता था। बताते हैं कि इस्लामनगर कस्बे में पांच साल पहले हुई घटना के बाद से आठ थानेदार बदल चुके हैं। इस बदमाश की गिरफ्तारी को बीस बार रवानगी दिखाई जा चुकी है। इसके बावजूद बदमाश फहीम नहीं पकड़ा गया। बुधवार रात अचानक उससे हुई मुठभेड़ प्रदेश सरकार की सख्ती मानी जा रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस्लामनगर इलाके में बुधवार रात पुलिस को सूचना मिली कि एक इनामी बदमाश बाइक लेकर आ रहा है। इस पर पुलिस और एसओजी टीम लगी थी। जैसे ही रात दो बजे बदमाश बाइक लेकर आया कि पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। उसने पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस से हुई भुठभेड़ में बदमाश पकड़ा गया है। वह करीब पांच साल पहले पुलिस टीम पर हुए हमले में नामजद था। उस पर कई मुकदमे चल रहे हैं।
- अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी