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सरकारी आवास में फंदे पर लटका मिला सहायक लेखाकार का शव

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बदायूं। कलेक्ट्रेट के मुख्य कोषागार में तैनात सहायक लेखाकार ने शुक्रवार को फंदे पर लटककर जान दे दी। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारा। इसके साथ ही लेखाकार के परिवार वालों को सूचना दी। फिलहाल पुलिस ने लेखाकार के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट आदि नहीं मिला है।
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सहायक लेखाकार प्रकाश शंकर (32) पुत्र प्रेम शंकर सिंह मूलरूप से रामपुर जिले में सदर तहसील क्षेत्र की विष्णु बिहार कॉलोनी निवासी थे। इस समय वह सूचना विभाग के सामने बने सरकारी आवास में अकेले रह रहे थे। उनका परिवार रामपुर में रहता है। मुख्य कोषाधिकारी वाईपी सिंह ने बताया कि प्रकाश शंकर शुक्रवार सुबह कार्यालय नहीं आए थे। उनके अलावा एक कर्मचारी अकरम कार्यालय नहीं पहुंचे। जब उन्हें तलाश किया गया तो अकरम तो कार्यालय में मौजूद थे लेकिन वह रजिस्टर पर अपने हस्ताक्षर करना भूल गए थे। इधर, प्रकाश शंकर को फोन किया गया तो उनका फोन नहीं उठा। दोपहर तक कार्यालय के कर्मचारी उन्हें फोन करते रहे लेकिन फिर भी फोन रिसीव नहीं हुआ। इस पर शाम को कार्यालय से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को उनके आवास पर भेजा गया। लौटकर उसने बताया कि प्रकाश शंकर का आवास अंदर से बंद है और वह दरवाजा नहीं खोल रहे हैं।
इस पर मुख्य कोषागार के अधिकारी और सभी कर्मचारी एकत्र होकर उनके आवास पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जिससे सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंच गई। दरवाजा तोड़कर आवास में देखा गया तो प्रकाश शंकर का शव फंदे पर लटका हुआ था। इसकी सूचना पर एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सीओ सिटी विनय कुमार द्विवेदी और सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार मौके पर पहुंच गए। अंदर आवास में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। फिलहाल आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। परिवार वालों को सूचना दे दी गई है। वह रामपुर से आ रहे हैं।
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तीन दिन पहले मनाया था जन्मदिन
सहायक लेखाकार प्रकाश शंकर ने तीन दिन पहले स्टाफ के साथ मिलकर अपना जन्मदिन मनाया था। उस दिन प्रकाश शंकर खुश नजर आ रहे थे। परिवार में या किसी और से मनमुटाव जैसी कोई बात सामने नहीं आई थी। मुख्य कोषाधिकारी ने बताया कि प्रकाश शंकर का नंवबर 2019 में बिल्सी के उपकोषागार से मुख्य कोषागार में ट्रांसफर हुआ था।
क्या कहती है पुलिस
सहायक लेखाकार अकेले सरकारी आवास में रहता था। अंदर से दरवाजा बंद मिला है। उसे तोड़कर शव को फंदे से उतारा गया था। मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसने आत्महत्या क्यों की ये अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। ये या तो परिवार वालों को पता होगा या फिर स्टाफ के लोग जानते होंगे। जानकारी जा रही है। आगे की कारवाई उसी के अनुसार होगी।
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- विनय कुमार द्विवेदी, सीओ सिटी
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