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आज तक नहीं खुला एक साल पहले मिले कोलकाता बैंक के चेकों का रहस्य

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बदायूं। हवाला के धंधे के लिए पूरे देश में बदनाम बिसौली क्षेत्र के दबतोरी का नाम जब से टेरर फंडिंग से जुड़ने की खबर मिली है तब से खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए हैं। स्थानीय पुलिस से लेकर ये एजेंसियां भी इस मामले की तह तक आने की कोशिश कर रही हैं लेकिन कुछ मामले आज भी रहस्य बनकर रह गए हैं। ऐसा ही एक मामला एक साल पहले दबतोरी चौकी पुलिस को मिले कोलकाता बैंक के करोड़ों के चेकों का है, जिनका आज तक पता नहीं चल सका है कि वे चेक किसने और क्यों भेजे थे। उन चेकों पर बाकायदा हस्ताक्षर थे। किसी चेक पर 50 लाख की रकम लिखी थी तो किसी पर 50 हजार रुपये। टेरर फंडिंग से क्षेत्र का नाम जुड़ने की चर्चा के बीच अब इन चेकों का भी जिक्र होने लगा है।
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बिसौली क्षेत्र के ग्राम संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, सादपुर, दबतोरी, दबतोरा आदि गांव हवाला के धंधे में लिप्त हैं, ये तो जगजाहिर हो चुका है, साथ ही ये भी पता चल गया है कि यहां के दर्जनों लोग फर्जी खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये इधर से उधर कर रहे हैं, एक नाइजीरियाई व्यक्ति के साथ मिलकर लोगों को चूना लगा रहे हैं लेकिन एक रहस्य आज भी बरकरार है, जिसकी कभी पुलिस ने छानबीन करने की कोशिश ही नहीं की। करीब एक साल पहले दबतोरा निवासी एक व्यक्ति के नाम कोलकाता बैंक के करोड़ों रुपये के चेक डाक से भेजे गए थे। चेक रखा पार्सल दबतोरी चौकी के सामने पड़ा मिला था। चर्चा तो ये थी कि पार्सल लेने के लिए उस व्यक्ति के घर में आपस में जंग छिड़ गई थी। इससे डाकिया पार्सल लेकर चौकी पर डाल गया। उसमें करोड़ों रुपये के हस्ताक्षर किए हुए चेक रखे थे। मामला कुछ दिन सुर्खियों में रहा, फिर पुलिस ने उन चेकों का क्या किया, इसका आज तक पता नहीं चला। आशंका जताई जा रही थी कि ये चेक किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए भेजे गए थे, या उनसे कुछ बड़ा होने वाला था, पर पुलिस ने इसकी जांच करने की जरूरत ही नहीं समझी।

ये मेरे समय का मामला नहीं है। उस समय मेरी तैनाती यहां नहीं थी और न ही मुझे इन चेकों के बारे में जानकारी है। अब इसके बारे में पता किया जाएगा कि ये चेक कहां से आए थे और किसने किसको भेजे थे। छानबीन के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
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-पंकज लवानिया, इंस्पेक्टर बिसौली
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