उझानी (बदायूं)। साहूकारा मोहल्ला निवासी युवक का क्षत-विक्षत शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिलने से सनसनी फैल गई। भनक लगते ही मौके पर पहुंचे घरवालों ने उसकी पहचान मोहित वार्ष्णेय उर्फ लालू के रूप में की। घरवालों का कहना है कि मोहल्ले के ही युवक और उसके साथी ने रुपयों के लेनदेन के विवाद में मोहित को ट्रेन के आगे फेंक दिया। इसके विपरीत पुलिस ने आत्महत्या की घटना बताते हुए शव को कब्जे में ले लिया है, साथ ही पुलिस मृतक के पिता की ओर से सौंपी गई तहरीर के आधार पर भी तहकीकात कर रही है।
घटना बृहस्पतिवार अपराह्न में करीब ढाई बजे की है। मोहल्ला साहूकारा निवासी मोहित वार्ष्णेय उर्फ लालू (18) पुत्र जवाहर लाल वार्ष्णेय घर से मोहल्ले के ही निवासी दुकानदार युवक से उधार के रुपये लेने की कहकर निकला था। उसके भाई विशाल और हर्षित ने बताया क िदो बजे मोहित ने उन्हें कॉल की। कहा था कि दुकानदार और उसके साथी ने मारपीट की है और जबरन पकड़कर रेलवे ट्रैक की ओर ले जा रहे हैं। आरोप है कि दुकानदार और उसके साथी ने मोहित को कासगंज से बरेली की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के आगे फेंक दिया। ट्रेन के इंजन की चपेट में आने से मोहित की मौत हो गई। मृतक के पिता समेत घरवालों ने दुकानदार युवक का नाम भी पुलिस को बता दिया है। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर को मृतक के पिता की ओर से तहरीर सौंपी दी गई है। तहरीर में भी उसने आरोपी दुकानदार के नाम का खुलासा कर दिया है। इसके विपरीत प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि ट्रेन के चालक की सूचना के बाद स्टेशन अधीक्षक ने कोतवाली में जो मीमो भेजा है, उसमें कहा गया है कि गोशाला फाटक के पास एक युवक अचानक ही ट्रैक पर आ गया था। चालक के हार्न बजाने पर भी वह ट्रैक पर से नहीं हटा और इंजन की चपेट में आ गया। तहरीर के आधार पर भी तहकीकात में जुटी पुलिस ने फिलहाल शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम कराने को भेज दिया है।
छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था मोहित
रेलवे ट्रैक पर मोहित वार्ष्णेय उर्फ लालू का शव मिलने के बाद से परिवार के सदस्य बदहवास हैं। पिता पप्पू और मां मंजू देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। छह भाई-बहनों में सबसे छोटा होने के नाते मोहित को परिवार के सभी सदस्य प्यार भी अधिक करते थे। भाइयों में विशाल और हर्षित ने बताया कि मोहित की हत्या साजिश के तहत की गई है।