बदायूं। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में अवैध वसूली के मामले में एक और तथ्य सामने आया है। नेत्र परीक्षक के अलावा एक अन्य युवक का रुपये लेते हुए वीडियो वायरल हुआ है। ये युवक और कोई नहीं, बल्कि नेत्र परीक्षक का नौकर बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि युवक नेत्र परीक्षक की दुकान पर काम करता है। वह दुकान के अलावा अस्पताल में आकर मरीजों से रुपये लेता था।
एक सप्ताह पूर्व नेत्र रोग विभाग में अवैध वसूली का खुलासा तब हुआ था, जब ग्राम हरी नगला निवासी महिला अपनी आंखें टेस्ट कराने आईं । उनसे आंखें टेस्ट करने के नाम पर और फिर चश्मा देने के दौरान दोबार दो-दो सौ रुपये लिए गए। इस दौरान किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दी। उस समय सीएमएस डॉ. बीबी पुष्कर ने नेत्र परीक्षक को सस्पेंड कर सीएमओ कार्यालय से अटैच कर दिया गया। नेत्र परीक्षक की वायरल हुई वीडियो में एक और युवक रुपये लेते दिखा था। नेत्र परीक्षक ने उस युवक के संबंद में अनभिज्ञता प्रकट की थी लेकिन अब उस युवक की भी पहचान हो गई है। सीएमएस के मुताबिक यह युवक नेत्र परीक्षक का प्राइवेट नौकर है। वही चश्मे बनाता था। उसके बाद अस्पताल आकर मरीजों से रुपये वसूलकर चश्मों को दे देता था। जानकारी होने पर सीएमएस ने युवक को अस्पताल से भगा दिया। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
मामला उजागर होने के बाद हमने युवक के बारे में पता कराया था। युवक नेत्र परीक्षक के यहां काम करता है। वही आकर यहां रुपये वसूलता था। जब उसके बारे में पता चला तो उसे अस्पताल से भगा दिया।
-डॉ. भारत भूषण पुष्कर, सीएमएस जिला अस्पताल