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कुर्की आदेश विवेचक के पास, ...पर आगे नहीं ‘खिसक’ रही कार्रवाई

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बदायूं। बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव हरदासपुर निवासी होरीलाल शर्मा की हत्या के मामले में कार्रवाई को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लग गए हैं। करीब 14 महीना पहले हत्या हुई, उसी दिन मृतक के बेटे ने गांव के दो लोगों को नामजद भी करा दिया लेकिन थाना पुलिस ने एक दिन भी ऐसा प्रयास नहीं किया जिसके तहत नामजद गिरफ्तार हो पाते। मामला अफसरों के संज्ञान में पहुंचा तो विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। विवेचक ने 10 दिन पहले कोर्ट से कुर्की आदेश भी हासिल कर लिया लेकिन कार्रवाई इससे आगे नहीं बढ़ पाई है।
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होरीलाल (70) की 21 अगस्त 2018 को पड़ोसी गांव पिंडौल से लौटते समय घर के पास ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के बेटे बॉबी तिवारी ने उसी दिन गांव के ही देवदत्त पाठक पुत्र कल्लू उर्फ कल्यान और देवेंद्र पुत्र रामकुमार पाठक को नामजद कराया था। होरीलाल को पांच गोलियां मारी गईं थी, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी साबित हो गया था। डेढ़-दो महीना तक थाना पुलिस ने नामजदों को गिरफ्तार नहीं किया तो बॉबी ने पुलिस की शिकायत अफसरों से की। अफसरों के निर्देश पर शुरू में तो पुलिस सक्रिय दिखी लेकिन बाद में फिर मामला ठंडे में चला गया। मृतक के घरवालों की शिकायत पर पुलिस महानिरीक्षक ने जांच बरेली क्राइम ब्रांच को सौंप दी। मृतक के बेटे की माने तो विवेचक रामनरेश माथुर ने 82 की कार्रवाई करते हुए नोटिस आरोपियों के घरों पर चस्पा कर दिया। समय पूरा हुआ तो 24 सितंबर को विवेचक ने कोर्ट से देवेंद्र और देवदत्त के खिलाफ कुर्की आदेश हासिल कर लिया, लेकिन अब विवेचक कुर्की आदेश को फाइलों में दबाकर बैठ गए हैं।

...तो क्या नामजदों को प्राप्त है राजनीतिक संरक्षण
बदायूं। बिल्सी निवासी होरीलाल की हत्या में नामजद देवेंद्र और देवदत्त को लेकर मृतक के बेटे बॉबी ने पुलिस की ढिलाई को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी तक शिकायत की। पुलिस अफसरों से भी कहा था कि हर स्तर से जांच करवा ली जाए। इसके बाद भी नामजदों को पकड़ने के लिए प्रयास नहीं किया गया। इतना जरूर हुआ कि 82 की कार्रवाई के बाद विवेचक ने आईपीसी की धारा 174-क के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की, इसके पीछे मृतक के घरवालों का कहना है कि उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
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बिल्सी के होरीलाल मर्डर केस में कुर्की का आदेश विभागीय व्यस्तताओं की वजह से तामील नहीं कराया जा सका है। जल्द ही पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर कुर्की की कार्रवाई पूरी करेंगे। नामजदों की गिरफ्तारी की पूरी कोशिश की गई थी।
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-रामनरेश माथुर, इंस्पेक्टर, क्राइम ब्रांच बरेली
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