बदायूं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के रेस्ट रूम में डॉक्टर और भाजपा नेता के बीच हुई तकरार के मामले में पीएमएस (प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ) ने शुक्रवार को एसपी सिटी से मिलकर कार्रवाई की मांग की। पीएमएस शाखा अध्यक्ष डॉ. फिरदौस हुुसैन और सचिव डॉ. राजेश वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल एसपी सिटी जितेंद्र श्रीवास्तव से मिला। एसपी सिटी ने जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। यह भी माना जा रहा है कि मामला भाजपा नेता से जुड़ा होने के चलते पुलिस कार्रवाई को लेकर पसोपेश में है। बीच का रास्ता निकालकर समझौते की कोशिश भी हो रही हैं।
इमरजेंसी के रेस्ट रूम में बृहस्पतिवार को भाजपा नेता प्रभाशंकर वर्मा और डॉ. मोहित यादव के बीच तकरार हो गई थी। भाजपा नेता के साथ कासमपुर के प्रधान नेत्रपाल भी थे। नेत्रपाल की ओर से कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी गई। इसमें डॉ. मोहित यादव पर इमरजेंसी में शराब पीने और मारपीट का आरोप लगाया था। बाद में डॉ. मोहित की ओर से भी भाजपा नेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी गई। डॉक्टर ने भाजपा नेता पर अभद्रता करने और धमकी देने का आरोप लगाया। पुलिस ने अभी किसी पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पुलिस भी समझौते की कोशिश कर रही है। बताते हैं कि पीएमएस के एक पदाधिकारी डॉक्टर जो भाजपा के बड़े नेताओं के काफी करीब हैं दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ का काम कर रहे हैं।
समझौते जैसी कोई बात नहीं है। कुछ लोग सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। डॉक्टर ने भी ऐसा ही किया है। डॉक्टर जो भी आरोप लगा रहे हैं वह गलत हैं। डॉक्टर ने हमारे साथ मारपीट और अभद्रता की थी। वह शराब पी रहे थे। हमारी ओर से पहले तहरीर दी गई। दबाव बनाने के लिए डॉक्टर की ओर से तहरीर दी गई है। जांच में सब साफ हो जाएगा।
-प्रभाशंकर वर्मा, भाजपा नेता
मैं रेस्ट रूम में खाना खा रहा था। प्रभाशंकर समेत कुछ लोग अंदर आ गए। बाहर जाने को कहा तो अभद्रता कर दी। मैने वीडियोग्राफी की है। जरूरत पड़ने पर पुलिस को दूंगा। आरोप पूरी तरह गलत हैं। डॉक्टरों के साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पहले भी डॉक्टरों से मारपीट के मामले सामने आए हैं। समझौते जैसी कोई बात नहीं है। हम लोग कार्रवाई की बात को लेकर उच्च अधिकारियों से मिल रहे हैं।
- डॉ. मोहित यादव, ईएमओ