उझानी (बदायूं)। कछला में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और फिर ट्रेन के आगे फेंक देने के बाद उसकी मौत के मामले में पुलिस की विवेचना से केस में नया मोड़ आ गया है। करीब 12 दिन तक चली जांच के दौरान विवेचक को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जो यह साबित करता कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ हो या फिर उसे ट्रेन के आगे फेंक दिया गया हो। मामला आत्महत्या का करार देकर इसी के साथ विवेचक ने रविवार को केस में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी।
कछला निवासी किशोरी छह सितंबर को कस्बे में ही रेलवे ट्रैक पर घायलावस्था में पड़ी मिली थी। ट्रेन की चपेट में आने से उसके दोनों पैर कट गए थे। इलाज के दौरान बरेली के निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मृतका के पिता ने किशोरी का वीडियो बयान और तहरीर सौंपकर कस्बे के ही छोटू और विशाल के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसे ट्रेन के आगे फेंक दिए जाने की घटना बताते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोतवाल विनोद कुमार चाहर ने विवेचना के दौरान मृतका की चश्मदीद छोटी बहन, आरोपियों और उनके परिजन के अलावा कई लोगों के बयान लिए। साथ ही मौत से पहले के दोनों वीडियो बयानों का अध्ययन किया। एक में उसने घर में झगड़ा होने की बात कही थी तो दूसरे में दोनों युवकों पर रेप करके ट्रेन के आगे फेंक दिए जाने का आरोप लगाया था।
पुलिस की माने तो किशोरी आत्महत्या करने के लिए ट्रेन के आगे खुद ही कूद गई थी। विवेचना के दौरान एक बात और सामने आई कि किशोरी के परिवार और आरोपियों से पिछले महीने किसी बात पर कहासुनी जरूर हुई थी। विवेचक चाहर ने बताया कि किशोरी जिस समय ट्रेन के आगे कूदी, उससे एक दिन पहले किशोरी और उसके भाई के बीच झगड़ा हो गया था। भाई ने उसे डपट दिया था। बता दें कि मृतका की चश्मदीद छोटी बहन भी अपने पहले दिन के बयान से मुकर चुकी है। उसके मुकरने के बाद ही विवेचक को केस के विपरीत सुबूत मिलने लगे थे।
अफसरों का प्रेशर पड़ा तो पुलिस ने दर्ज की थी रिपोर्ट
किशोरी से दुष्कर्म कर उसे ट्रेन के आगे फेंक देने के आरोप की शिकायत उसके पिता ने अगले दिन ही कछला चौकी पर तहरीर देकर कर दी थी लेकिन उसकी मौत के बाद मामला एडीजी और डीआईजी के संज्ञान में पहुंच गया। किशोरी के पिता ने भी कोतवाली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अफसरों से कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसके बाद अफसरों का दबाव पड़ा तो कोतवाली में नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी।
वादी पर हो सकती झूठी नामजदगी कराने की कार्रवाई
मृत किशोरी के पिता की ओर से ही पुलिस ने छोटू और विशाल के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और पाक्सो में मामला दर्ज किया था। चूंकि विवेचना में मामला आत्महत्या का सामने आया है, सो पुलिस वादी पर कार्रवाई को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। विवेचक का कहना है कि इस पहलू पर भी गौर किया जा रहा है। अगर जरूरी हुआ तो उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
मेरी बेटी आत्महत्या क्यों करती। उसे दुष्कर्म के बाद ट्रेन के आगे फेंका गया था। मेरी बेटी ने वीडियो में बयान देकर भी यह स्पष्ट कर दिया था, लेकिन पुलिस ने अपनी मर्जी से एफआर लगा दी है। पुलिस तो शुरू से नहीं चाहती थी कि रिपोर्ट दर्ज करनी पड़े।
-मृत किशोरी का पिता
मृतका के पिता ने जो आरोप लगाया था, रिपोर्ट उसी आधार पर दर्ज की गई थी, लेकिन मामला शुरू से ही संदिग्ध नजर आ रहा था। विवेचक को जो साक्ष्य मिले हैं, विवेचना उसी के तहत आगे बढ़ी है। विवेचक ने साक्ष्यों के आधार पर ही एफआर लगाई होगी।
- अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी