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सिस्टम होशियार!- सोत नदी किनारे सजा अवैध एसएस लॉन ढहाया

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बदायूं। सोत नदी किनारे लालपुल पर अवैध अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई के क्रम में प्रशासन ने शनिवार को एसएस लॉन पर जेसीबी चलवा दी। इस दौरान अवैध निर्माण को ढहा दिया गया। कोई विरोध या हंगामा न होने पाए इसलिए वहां पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। लालपुल पर तथा बहेड़ी मोड़ पर लोगों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारी पूरे मामले पर शुुरू से अंत तक नजर जमाए रहे। तोड़फोड़ खत्म होने के बाद में ही अधिकारी वहां से निकले। किसी तरह का हंगामा न होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। यहां बता दें कि सूख चुकी सोत नदी को जीवंत करने और इस पर किए गए कब्जों के खिलाफ अमर उजाला ने भी मुहिम शुरू की हुई है। कई दिनों से इस संबंध में लगातार समाचार प्रकाशित किए जा रहे हैं।
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शनिवार पूर्वाह्न में प्रशासन और पुलिस की टीम अचानक एसएस लॉन पहुंची तो वहां अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग एकाएक समझ ही नहीं पाए कि आखिर पुलिस और प्रशासनिक अमला इतनी संख्या में यहां क्या करने आया है, लेकिन जब जेसीबी एसएस लॉन की तरफ बढ़ीं तो लोगों को माजरा समझ में आया। डीएम दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा, एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी, एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर पूर्वाह्न, सीओ उझानी विनय कुमार द्विवेदी लालपुल पर पहुंच गए। इससे पहले ही सुरक्षा की दृष्टि से सुबह 10 बजे रूट को जालंधरी सराय से डायवर्ट कर दिया गया था। इसके बाद में एसएस लॉन को तोड़ना शुरू कर दिया गया। इस दौरान लॉन मालिक और महिलाओं की प्रशासनिक अधिकारियों से हल्की नोकझोंक भी हुई। कुछ महिलाएं तो रोने भी लगीं, लेकिन अधिकारियों ने उसे हस्तक्षेप न करने की हिदायत देते हुए अपना काम जारी रखा। महिलाओं ने एक अधिकारी पर मैरिज लॉन में होने वाले कार्यक्रमों में प्रति कार्यक्रम 10 हजार लेने का आरोप भी लगाया। इस दौरान लॉन की बाहरी व अंदरूनी बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया गया बल्कि अंदर की दीवारें भी तोड़ दी गईं। प्रशासन ने लॉन में लगी घास व कैटरिंग के लिए लगे स्टैंडों को भी नहीं छोड़ा। उन्हें भी ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान कोतवाली इंस्पेक्टर ओमकार सिंह भी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।

बीज भंडार के नाम से थी जगह, फिर धीरे-धीरे कर लिया कब्जा
शनिवार का दिन एसएस लॉन मालिक के लिए बेहद ही खराब रहा। बताते हैं कि वर्षों पहले उसने यहां बीज भंडार के नाम से दुकान खोली थी लेकिन बाद में वहां पर अतिक्रमण करके आसपास की जमीन पर हल्के-हल्के कब्जा कर लिया गया। यह कब्जे सपा सरकार के दौरान हुए थे। बताते हैं कि लॉन मालिक सपा के कुछ नेताओं का खास था, जिसके बाद उसे अतिक्रमण करने की छूट दे दी गई थी। तब प्रशासनिक मशीनरी ने भी उस पर हाथ डालना मुनासिब नहीं समझती थी। भाजपा की सरकार बनने के बाद अतिक्रमणकारियों पर बुल्डोजर चलना शुरू हुए तो अब वह भी उसकी जद से नहीं बच सका। प्रशासन की मानें तो वहां पर बीज भंडार के पीछे मैरिज लॉन बना लिया गया, जिसमें शादी आदि कार्यक्रम कर बुकिंग की जाती थी।
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शेखूपुर और एआरटीओ कार्यालय होकर आना पड़ा लोगों को
दोपहर के समय लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। वहीं रूट डायवर्ट होने की वजह से स्कूली बच्चों को शेखूपुर होकर शहर में प्रवेश करना पड़ा। जालंधरी सराय से वाहनों को शेखूपुर तथा बहेड़ी मोड़ से एआरटीओ कार्यालय की तरफ से होकर निकाला गया। इस दौरान दोपहिया वाहनों का आवागमन भी बंद रखा गया। रूट डायवर्ट करने के कारण जालंधरी सराय चौराहे पर कई बार जाम की स्थिति भी बनी।

नगर विकास राज्यमंत्री ने भी भी उठाया था अतिक्रमण का मुद्दा
सोत नदी के पुनर्जीवन को शुरू से ही प्रयासरत रहने वाले नगर विकास मंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने नदी किनारे अतिक्रमण किए जाने का मुद्दा काफी पहले उठाया था। नगर विकास मंत्री सोत नदी के बारे में शुरू से ही गंभीर रहे हैं। जब सपा सरकार के दौरान यहां धीरे-धीरे अतिक्रमण शुरू हुआ तो उन्होंने इसकी शिकायत शासन-प्रशासन से की थी। इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और एक- एक करके नदी किनारे के अतिक्रमण ध्वस्त किये जाने लगे।

पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बोले- अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात
एसएस लॉन ध्वस्त किए जाने के मामले में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री आबिद रजा ने इसे प्रशासन की मनमानी बताया है। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात चल रहे हैं। यदि कोई विपक्ष का नेता या जनता सरकार के खिलाफ सच बोलने की हिम्मत करता है तो उसे फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल में डाला जा रहा है। सत्ता के दबाव में प्रशासनिक अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता में लौटे तो जिनका नुकसान हुआ है उन्हें पूरा मुआवजा दिलवाएंगे।

सोत नदी के किनारे यह अवैध इमारत बनी हुई थी, जिसमें शादी-विवाह आदि कार्यक्रम कराए जा रहे थे। काफी पुराना अवैध निर्माण था, जिसे शनिवार को ढहा दिया गया है। दोबारा निर्माण किया गया तो मुकदमा लिखवाया जाएगा।
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- रामनिवास शर्मा, एडीएम प्रशासन
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