बदायूं। 15 जुलाई से फरार चल रहा डोडा तस्कर नजमुल शुक्रवार दोपहर कोर्ट में सरेंडर हो गया, जबकि उसकी तलाश में पुलिस इधर-उधर लगी रही। यहां से कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
एसपी सिटी की स्पेशल टीम ने 15 जुलाई को ककराला के अब्दुल्ला डिग्री कॉलेज में छापा मारकर मौके से गभियाई निवासी आशु पुत्र रियासत, श्यामलाल पुत्र रामदीन और सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ब्राहमपुर निवासी धर्मेंद्र पुत्र रामबहादुर को मौके से गिरफ्तार किया था, जबकि नजमुल फरार हो गया था। पुलिस ने यहां से कुल चार क्विंटल 24 किलो डोडा समेत दो बाइक, एक ट्रैक्टर और डोडा पीसने की मशीन भी बरामद की थी। तभी से पुलिस नजमुल की तलाश में लगी थी लेकिन नजमुल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। नजमुल ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर होने का प्रयास किया था लेकिन किसी वजह से वह सरेंडर नहीं हो सका। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे नजमुल एक लग्जरी कार में सवार होकर कोर्ट पहुंचा। बताते हैं कि इसकी सूचना पुलिस को लग चुकी थी। इससे कोर्ट के चारों ओर पुलिस तैनात हो गई थी। इसके बावजूद नजमुल प्रभारी जिला जज एवं प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश भानुदेव शर्मा की अदालत में सरेंडर हो गया। प्रभारी जिला जज ने धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के मामले में सुनवाई करते हुए उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
माननीय की गाड़ी की रही विशेष चर्चा
नजमुल जिस गाड़ी से आया वह एक माननीय की बताई जा रही है। इसकी शहर में खासी चर्चा रही। बताते हैं कि पुलिस के हत्थे इतने दिन नजमुल नहीं चढ़ा, उसमें भी इन्हीं माननीय का संरक्षण शामिल था। यही वजह रही कि शुक्रवार को वह कोर्ट में आसानी से सरेंडर हो गया, जबकि पुलिस आंखें बंद किए रही।