दातागंज (बदायूूं)। पट्टे के लिए पिता का नाम बदलने और जिंदा भतीजे की पत्नी को विधवा दर्शाने पर डीएम दिनेश कुमार सिंह ने तत्कालीन प्रधान द्वारा हासिल किए गए चार पट्टों को निरस्त कर दिया है। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुुए डीएम ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम ने पुरानी पत्रावली तलब की है। यदि जांच में शिकायत सही पायी जाती है तो संबंधित लेखपाल के साथ ही अन्य तहसील कर्मियों की दिक्कतें बढ़ना तय हैं।
यह मामला तहसील क्षेत्र के गांव लहढैरी का है। वर्ष 2008-09 में गांव के तत्कालीन प्रधान बुधपाल ने छह से 12 बीघा जमीन के करीब 45 पट्टे लोगों को आंवटित कराए थे। जिस वक्त यह पट्टे आंवटित किए गए थे तभी गांव के सत्यपाल पुत्र त्रिमल ने अपात्र लोगों को पट्टे दिए जाने समेत कई आरोप लगाते हुए शासन स्तर पर शिकायत की थी। शासन ने इसे गंभीरता से लेेते हुए जांच के आदेश दिए थे। लेकिन कुछ दिन बाद जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई। अमर उजाला ने पिछले दिनों ही इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आ गई थी कि तत्कालीन प्रधान बुधपाल ने गलत तरीके से अपने परिजनों और रिश्तेदार को पट्टे दिलाए हैं। यही नहीं तत्कालीन प्रधान ने खुद भी पट्टा लिया था। जिसमें उसने अपने पिता का नाम ही बदल दिया था। उसने पिता का नाम नन्कू के स्थान पर जीवन दर्शाया था। दूसरा पट्टा उसने अपने भाई रामपाल पुत्र नन्कू को दिलाया था। जिसमें पिता का सही नाम था। तीसरा पट्टा उसने अपने भतीजे महेंद्र पुत्र रामलाल की पत्नी गुड्डी के नाम से दिलाया था। इसमें उसने गुड्डी को बेवा दिखाया था, जबकि महेंद्र आज भी जीवित है। चौथा पट्टा उसने अपने रिश्तेदार दूसरी ग्राम पंचायत अकबरपुर निवासी भूपाल पुत्र शिवलाल को दिलाया था। खास बात यह थी कि पट्टे हासिल करने वाले कई लोगों को न सिर्फ दूसरी ग्राम पंचायत के थे बल्कि बरेली जिले के भी रहने वाले हैं। अब डीएम ने इन सभी चारों पट्टों को निरस्त करते हुए बाकी सभी के जांच के आदेश एसडीएम दातागंज को दिए हैं।
तहसील कर्मियों में मची खलबली
गलत तरीके से पट्टे आंवटित किए जाने के मामले के खुलने के बाद तहसील कर्मियों में काफी खलबली मची हुई है। तहसील कर्मियों का मानना हैं कि जो भी लेखपाल या कर्मचारी रहें होंगे, अब वे बच नहीं पाएंगे। पट्टे आंवटित करने में लेखपाल और इससे जुड़े तहसील कर्मियों की मुख्य भूमिका होती है।
डीएम ने तत्कालीन प्रधान समेत उसके परिवार और रिश्तेदार का पट्टा निरस्त कर दिया है। बाकी आंवटित पट्टों की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके लिए पुरानी पत्रावली तलब की गई है। गलत पट्टे आंवटित करने में संबंधित लेखपाल और तहसील कर्मियों की जो भूमिका रही है, उनके खिलाफ भी कड़ा एक्शन लिया जाएगा। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
- कुंवरबहादुर सिंह, एसडीएम दातागंज