फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जनसेवा केंद्रों के नाम पर अवैध वसूली, कंपनी काली सूची में

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। जनसेवा केंद्र खोलने में अवैध वसूली के मामले में फंसी वयमटेक कंपनी को डीईजीएस द्वारा काली सूची में डाल दिया गया है। डीईजीएस (जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी) की बैठक में ये फैसला लेते हुए कहा गया है कि कंपनी ने अपने कार्यों में पारदर्शिता नही बरती।
विज्ञापन

शासन द्वारा जनसेवा केंद्र खोलने के लिए वयम टेक्नोलॉजी लिमिटेड को तय किया गया था। कई लोगों ने इस बात की शिकायत की थी कि कंपनी ने केंद्र खोलने पर निर्धारित से ज्यादा वसूली की है। अधिवक्ता अरविंद सिंह परमार ने भी कोर्ट में यह मामला दायर कर दिया था। इसके बाद डीईजीएस ने लोगों को अपनी शिकायतें करने तथा कंपनी को भी अपना पक्ष रखने का समय दिया था। इसके बाद शिकायतें सही पाए जाने पर कमेटी ने निर्णय लेते हुए कंपनी को काली सूची में डाले जाने का आदेश दे दिया।

ईडीएम हो चुके हैं बर्खास्त
बदायूं। कंपनी तथा डीईजीएस के बीच पिछले दिनों चली खींचतान का खामियाजा ईडीएम को बर्खास्तगी के रूप में भुगतना पड़ा था। बताते हैं कि उनकी नियुक्ति के संबंध में कई शिकायतें प्रशासन के पास पहुंची थीं, जिसके बाद पिछले दिनों ईडीएम धर्मेंद्र यादव को भी बर्खास्त कर दिया गया था। इधर अब कंपनी को काली सूची में डाले जाने के बाद दोनों पक्षों की लड़ाई लंबी खिंचने के आसार नजर आने लगे हैं।
विज्ञापन


पूर्व में गठित जांच कमेटी की आख्या व कंपनी के खिलाफ जो शिकायतें प्राप्त हुईं, उनको सही पाया गया कि कंपनी ने अपने कार्य में पारदर्शिता नहीं बरती, जिसके बाद उसको काली सूची में डाल दिया गया है।
- दिनेश कुमार सिंह, अध्यक्ष डीईजीएस

कुछ राजनीतिक लोगों ने बर्खास्त किए जा चुके ईडीएम के साथ मिलकर एक नई कंपनी को कार्य देने की साजिश रची थी जो सफल नहीं हो पाई। इसके बाद जिला प्रशासन पर लगातार राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते ही कंपनी के खिलाफ यह निर्णय लिया गया है। अब कंपनी साक्ष्यों के साथ सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस, लखनऊ के समक्ष अपील करेगी।
विज्ञापन

- केसी शाक्य, जिला प्रबंधक, वयमटेक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें