उझानी (बदायूं)। मंगलवार रात सुल्फा पीने को रुपये नहीं मिलने के बाद बुजुर्ग मां की ईंट से प्रहार कर हत्या करने के मामले में गिरफ्तार उसके बेटे ने पूछताछ के दौरान बुधवार को जो कुछ बताया, उसे सुनकर मृतका के परिजन ही नहीं बल्कि पुलिस भी सकते में पड़ गई। आरोपी भोला के मुताबिक वह तो मां के शव को जलाना चाहता था। उसने शव के ऊपर मिट्टी का तेल भी उड़ेल दिया था, लेकिन तेल में भीग जाने की वजह से माचिस नहीं जल पाई।
बुजुर्ग बच्ची देवी (75) पत्नी स्व. मसीह चरन का शव उसी के घर के आंगन में सोमवार रात में पुलिस को पड़ा मिला था। हत्या छोटे बेटे भोला ने महज इस बात पर गुस्से में कर दी थी कि बुजुर्ग महिला ने उसे सुल्फा पीने के लिए रुपये नहीं दिए थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने भोला से पूछताछ तो मंगलवार को भी की थी, लेकिन चालान के समय बुधवार को परिवार के लोग कोतवाली पहुंचे तो पुलिस के सामने वह टूट गया। उसने पूछताछ के दौरान बताया कि वह घर पर पहुंचा तो उसकी मां खाना पका चुकी थी। दोनों में से किसी ने खाना भी नहीं खाया था। उसी दौरान रुपयों को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद उसने मां के सिर में ईंट से ताबड़तोड़ प्रहार कर वहां से चला गया, लेकिन इससे वह मर जाएगी, इसका अहसास तो तब हुआ जब वह लौटकर फिर घर पहुंचा। इसके बाद भोला ने केन में रखा मिट्टी का तेल बुजुर्ग मां के शव पर उडे़ल दिया। चूंकि माचिस तेल में ही भीग गई थी, सो वह जल नहीं पाई और फिर घर से निकलकर भाग गया। इधर, पुलिस ने चालान करने से पहले भोला का मेडिकल भी कराया। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
...फिर तो बढ़ जातीं पुलिस की मुश्किलें
उझानी। भोला अपने मंसूबों में सफल हो जाता तो वह शव बरामद होने के बाद परिवार और पुलिस के सामने कोई और कहानी गढ़ने की कोशिश करता। वह यह भी कह सकता था कि रात में घर में आग लग जाने से बुजुर्ग मां जिंदा जल गई या फिर किसी और को फंसाने की कोशिश करता। पुलिस को भी हकीकत का पता लगाने के लिए कई दिन तक मशक्कत करनी पड़ती। जब तक केस का वर्कआउट नहीं हो जाता पुलिस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं लेतीं। मौके पर ही पकड़े जाने और उसी के द्वारा हकीकत बयां किए जाने के बाद भ्रम की स्थिति भी पैदा नहीं हो पाई।
अपनी मां की हत्या में गिरफ्तार भोला ने पूछताछ के कई ऐसे बातें कहीं हैं जिन्हें सुनकर उसकी बर्बरता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। घरवाले भी उसकी हरकतों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। घटना के दौरान वह गुस्से में था।
- विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक