बदायूं। अब वह दिन दूर नहीं जब लखनऊ मुख्यालय पर बैठे अधिकारी जिला कारागार की प्रत्येक गतिविधियों को वहीं से बैठे-बैठे जान सकेंगे। इसके लिए जिला कारागार में लगे सीसीटीवी कैमरे सीधे मुख्यालय से अटैच किए जा रहे हैं। इस समय ट्रॉयल चल रहा है। एक-एक करके कैमरे अटैच करके देखे जा रहे हैं। जल्द ही सभी कैमरों को अटैच कर दिया जाएगा।
जिला कारागार में इस समय 30 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें तीन कैमरे जिला कारागार के गेट पर लगे हैं, जिनसे कचहरी तिराहे की सड़क तक दिखाई देती है। बाकी कैमरों का फोकस जेल परिसर, बैरक, रसोई घर और अन्य स्थानों पर हैं। फिलहाल सभी कैमरे जेलर आदित्य कुमार के ऑफिस से अटैच हैं। जहां से बैठे-बैठे पूरी जेल का दृश्य दिखाई देता है लेकिन अब ये कैमरे सीधे लखनऊ मुख्यालय से अटैच हो जाएंगे। इससे अधिकारियों को तुरंत जेल की प्रत्येक स्थिति का पता चल जाएगा। अगर जेल में कोई हलचल होती है या घटना होती है तो अधिकारी सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरा लाइव देख सकेंगे। उन्हें तुरंत दौड़ने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। वहीं से बैठे-बैठे निर्देश भी दे सकेंगे। फिलहाल सभी सीसीटीवी कैमरों को अटैच करने की तैयारी चल रही है। एक-एक कैमरा लगाकर चेक किया जा रहा है। जल्द ही सभी सीसीटीवी कैमरे अटैच कर दिए जाएंगे।
जेल प्रशासन होगा अलर्ट
-सीसीटीवी कैमरे अटैच होने के बाद जेल प्रशासन और अलर्ट हो जाएगा। जेल की बैरक या परिसर में कोई बात होने पर जेल अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ेगा। अगर अधिकारी तुरंत नहीं पहुंचेंगे तो उनकी लापरवाही उजागर होने में वक्त नहीं लगेगा। उनकी तुरंत पोल खुल जाएगी।
अधिकारियों को तुरंत कराना होगा अवगत
-सिर्फ सीसीटीवी कैमरे अटैच होने से काम नहीं चलेगा। जेल में कोई हलचल होने पर लखनऊ मुख्यालय को तुरंत अवगत कराना भी होगा। अगर सूचना लेट पहुंची और सीसीटीवी फुटेज से मिलान किया गया तो जेल प्रशासन पर तोहमत भी लग सकती है। उसके आधार पर कार्रवाई भी संभव है।
जेल में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे लखनऊ मुख्यालय से अटैच किए जा रहे हैं। करीब 73 जिलों की जेलों के कैमरे अटैच हो चुके हैं। बदायूं जेल में ट्रॉयल चल रहा है। यहां के कैमरे भी जल्द अटैच कर दिए जाएंगे।
आदित्य कुमार, जेलर