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तत्कालीन सीओ से धोखाधड़ी के मामले में पूर्व विधायक और उसके भाई के खिलाफ एफआईआर

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बदायूं। सपा के पूर्व विधायक रामखिलाड़ी यादव और उनके भाई श्रीनिवास उर्फ ढाकन के खिलाफ रिटायर्ड सीओ वीरेंद्र यादव ने सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पूर्व विधायक और उनके भाई पर आरोप है कि उन्होंने वीरेंद्र यादव को फर्जी कागजात का सहारा लेकर एक फॉरच्यूनर कार 15.75 लाख रुपये में बेच दी। बार-बार कहने के बावजूद कार ट्रांसफर नहीं कराई और एनओसी भी नहीं दी। बाद में वीरेंद्र यादव को अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में पता लगा। शनिवार को उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई।
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वीरेंद्र यादव की मई 2018 में बदायूं में बतौर सीओ सिटी पोस्टिंग थी। जुलाई 2018 में वह बदायूं में ही सेवानिवृत्त हो गए। सीओ सिटी रहते उन्होंने अपने परिचित तत्कालीन एडीजीसी जगत सिंह यादव के माध्यम से पूर्व विधायक रामखिलाड़ी यादव से उनकी फॉरच्यूनर कार खरीदने के संबंध में बात की। एक मई 2018 को रामखिलाड़ी यादव अपने भाई श्रीनिवास के साथ कार लेकर वीरेंद्र यादव के ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर आए। कार देखने के बाद 15 लाख 75 हजार रुपये में सौदा हो गया। रामखिलाड़ी यादव ने कार की जो एनओसी दिखाई उस पर कोई लोन नहीं था। अपने कुछ परिचितों के सामने वीरेंद्र यादव ने पूरी रकम का भुगतान रामखिलाड़ी यादव को कर दिया। तय हुआ कि एक सप्ताह के भीतर कार वीरेंद्र यादव के नाम ट्रांसफर के साथ रामखिलाड़ी यादव एनओसी भी देंगे। कार का बीमा नहीं था। वीरेंद्र यादव ने सात मई 2018 को कार का बीमा कराया। इसके बाद कार ट्रांसफर और एनओसी को लेकर रामखिलाड़ी यादव टालमटोल करने लगे। कई बार उनसे बात की तो वह नहीं आए। वीरेंद्र यादव ने अधिकारियों से शिकायत की। एसपी सिटी ने भी कई बार बयान दर्ज करने को पूर्व विधायक को बुलाया, लेकिन वह नहीं आए। बाद में वीरेंद्र यादव को पता लगा कि रामखिलाड़ी यादव ने जो आरसी दिखाई थी, वह भी फर्जी थी। कार पर इलाहाबाद बैंक का लाखों रुपये का लोन भी था। तमाम कोशिशों के बाद भी जब रामखिलाड़ी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो शनिवार शाम को को वीरेंद्र यादव ने सिविल लाइंस थाने में रामखिलाड़ी और उनके भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर
धारा- 420 धोखाधड़ी करना
धारा- 467 मूल्यवान वस्तु को बनाने या हस्तांतरण की कूटरचना
धारा- 468 धोखा देने के लिए कूट रचना करना
धारा 471- कूटरचित दस्तावेज का असली की तरह इस्तेमाल करना।
पूर्व विधायक और उनके भाई के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। कार बेचने के नाम पर तत्कालीन सीओ से धोखाधड़ी का मामला है। विवेचना में सच्चाई सामने आ जाएगी।
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- जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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