शहर में एक पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते ग्राहक। संवाद
बदायूं। प्रधानमंत्री की पेट्रोल, डीजल बचाने की अपील के बाद तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों की अतिरिक्त आपूर्ति रोक दी है। कीमत बढ़ने के साथ ही कंपनियों ने पंप मालिकों को मिलने वाली क्रेडिट लिमिट भी खत्म कर दी है। अब एडवांस जमा होने पर ही मांग के अनुरूप तेल दिया जा रहा है।
जिले में करीब 177 पेट्रोल पंप संचालित हैं। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की पेट्रोल व डीजल बचाने की अपील के बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने पंप मालिकों की क्रेडिट लिमिट खत्म कर दी। कंपनियां एडवांस जमा होने पर ही मांग के अनुरूप तेल दे रही हैं। इससे कम पूंजी वाले तमाम पेट्रोल पंप संचालक नियमित तेल नहीं मंगा पा रहे।
इसके कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है। हालांकि तेल के दाम बढ़ने के बाद से कारोबार में कुछ गिरावट आई है। गाड़ियों की टंकी भराने वाले इक्का-दुक्का ही लोग पेट्रोल पंप पर आ रहे हैं। अन्यथा लोग काम चलाने के लिए 100 से 500 तक का ही पेट्रोल ले रहे हैं। प्रीमियम तेल के दाम अधिक होने से उसे लेने से लोग कतरा रहे हैं। जिले में प्रतिदिन 6000 हजार लीटर पेट्रोल और 15000 लीटर डीजल की बिक्री हो रही है। पेट्रोलियम एसोसिएशन के नितिन ने बताया कि एडवांस जमा के बाद भी कंपनी मांग के अनुरूप तेल दे रही है। जिसके कारण कुछ पेट्रोल पंप संचालकों को दिक्कतें हो रही हैं।