बदायूं। खेत गिरवी रखने को लेकर हुए विवाद में गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में 14 साल बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो लोगों को छह-छह साल की सजा सुनाई है। दोनों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दौरान मुकदमा अन्य दो आरोपियों की मौत हो चुकी है।
थाना इस्लामनगर क्षेत्र के गांव बजरामपुर निवासी रामनाथ पुत्र हप्पी ने चार जुलाई 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वह अपने खेत पर फसल की रखवाली कर रहा था। गांव के केदारी, भूरे, सत्यराम और दुर्जन खेत पर आए और गाली गलौज करने लगे। उसने गाली देने को मना किया तो सभी ने लाठी-डंडों से बुरी तरह मारा। वादी को बचाने उसकी पत्नी और उसका भाई आया तो उनको भी चारों आरोपियों ने पीटकर घायल कर दिया, जिससे सभी के गंभीर चोटे आई। पुलिस ने केदारी, भूरे, सत्यराम और दुर्जन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद सभी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुना। सुनवाई के बाद केदारी पुत्र रामचंद्र और भूरे पुत्र सत्यराम को दोषी ठहराते हुए छह-छह साल कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। संवाद