बदायूं। पांच साल पहले मंदिर में प्रसाद का जहरीला दूध पीने से हुई दो बच्चों की मौत के मामले में स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट महेंद्र सिंह तृतीय ने पुजारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला उघैती थाना क्षेत्र के गांव शरह बरौलिया का है। यहां के गजराम ने 17 अप्रैल 2017 को थाने में एफआईआर दर्ज कराई। उनके मुताबिक दिन में 11 बजे उनके दो बेटे अंकित और अतुल, गांव का शिवम पुत्र वीरपाल सिद्ध बाबा मंदिर पर खेलने गए थे। तभी मंदिर के पुजारी सियाराम पांडे ने तीनों बच्चों को दूध पिलाया। उस वक्त मंदिर में दूसरे बाबा ध्यान दास भी थे। सियाराम पांडे ने उन्हें भी दूध दे दिया। घर पहुंच कर बच्चों की हालत बिगड़ गई। जब उन्होंने बच्चों को गांव के डॉक्टर को दिखाया तो उसने उन्हें बिसौली रेफर कर दिया। अंकित की बिसौली पहुंचते ही मौत हो गई और शिवम ने बाद में दम तोड़ दिया। अतुल और बाबा ध्यानदास की भी हालत काफी खराब हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद बाबा सियाराम पांडे के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और अनुसूचित जाति के बालक को जहरीला पदार्थ देने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की।
स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट महेंद्र सिंह तृतीय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ऐश्वर्य कुमार राजपूत, जितेंद्र कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने बाबा सियाराम पांडे को जहरीला दूध पीने से हुई बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने बाबा सियाराम पांडे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। संवाद