बदायूं। जिला उपभोक्ता फोरम बदायूं की पीठ ने एक पुराने परिवार में उझानी की भगवान वनस्पति फैक्टरी के परिवाद को स्वीकार करते हुए न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को क्लेम की धनराशि चार लाख 86 हजार रुपये और क्षतिपूर्ति के 10 हजार रुपये 45 दिन के अंदर अदा करने का आदेश दिया है। ऐसा न करने पर बीमा कंपनी को 10 फीसदी ब्याज का भुगतान भी करना होगा।
जिला उपभोक्ता फोरम की पीठ के अध्यक्ष संजीव यादव और सदस्य एनसी बिसारिया ने भगवान वनस्पति मिल्स लिमिटेड उझानी का दावा स्वीकार किया है। परिवादी के अधिवक्ता अशोक कुमार वर्मा के अनुसार भगवान वनस्पति मिल्स लिमिटेड उझानी में बहुरानी नाम से वनस्पति घी का उत्पादन करती थी। कंपनी ने अपने उत्पाद के रिस्क कवर के लिए न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया था। भगवान वनस्पति मिल्स ने चार जनवरी 1996 को गगन ट्रांसपोर्ट कंपनी से 903 वनस्पति घी के टिन अपने डिपो बनारस भेजे थे। वनस्पति घी बनारस डिपो पर नहीं पहुंचा। इसके एवज में परिवादी भगवान वनस्पति ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से चार लाख 86 हजार रुपये की धनराशि का दावा किया था। बीमा कंपनी ने क्लेम यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि परिवादी का क्लेम का समय निकल चुका है।
जिला उपभोक्ता फोरम की पीठ के अध्यक्ष संजीव यादव और सदस्य एनसी बिसारिया ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। परिवादी के अधिवक्ता अशोक कुमार वर्मा और बीमा कंपनी के अधिवक्ता की बहस को सुनने के बाद पीठ ने अपने आदेश में कहा कि परिवादी का क्लेम समय सीमा के अंदर था और प्रीमियम की क़िस्त समय से जमा की गई थी और क्लेम स्वीकार करने योग्य है। फोरम की पीठ ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को परिवादी भगवान वनस्पति को चार लाख 86 हजार रुपये बतौर क्लेम की धनराशि और क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार रुपये देने का भी आदेश दिया है। संवाद