बदायूं। किशोरी से दुष्कर्म के दो साल पुराने मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
एक गांव निवासी व्यक्ति ने पांच फरवरी 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि रात करीब आठ बजे उसकी नाबालिग बेटी घर के बाहर घेर में बने शौचालय में शौच को गई थी। उसको अकेला देखकर शिशुपाल भी घेर में घुस गया। घेर का अंदर से दरवाजा बंद करने के बाद बेटी के साथ दुष्कर्म किया। शोर होने पर वादी और उसका बेटा घेर में पहुंचे तो शिशुपाल मौके से भाग गया। इसके बाद शिशुपाल अपने साथ गांव के दो लोगों को लेकर वादी के घर आया। घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने विवेचना के बाद शिशुपाल के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट राजकुमार तृतीय ने पत्रावली का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने शिशुपाल को दुष्कर्म का दोषी पाया और सजा सुनाई। संवाद