बदायूं। करीब पांच साल पहले पड़ोसी महिला की जलाकर हत्या करने के मामले में नामजद आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम शारिक सिद्दीकी ने मुजरिम ठहराया है। साथ ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना बिल्सी के गांव दबिहारी निवासी गौरव सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 17 सितंबर 2016 को सुबह आठ बजे गांव का रिंकू सिंह घर में घुस आया। आरोपी रिंकू ने गौरव की माता बीना देवी के ऊपर जान से मारने की नीयत से पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इससे उसकी मां गंभीर रूप से जल गईं। वादी अपनी मां बीना देवी को इलाज के लिए बदायूं अस्पताल ले गया। इलाज के दौरान बीना देवी की मृत्यु हो गई। पुलिस ने आरोपी रिंकू सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना की। पुलिस ने विवेचना के बाद रिंकू सिंह के खिलाफ कोर्ट में हत्या के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया।
अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शारिक सिद्दीकी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी अरविंद लाल और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने नामजद रिंकू सिंह को महिला की जलाकर हत्या के मामले में मुजरिम ठहराया। कोर्ट ने मुजरिम रिंकू सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही रिंकू सिंह पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। संवाद