बदायूं। करीब साढ़े पांच साल पुराने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में नामजद आरोपी को मुजरिम ठहराते हुए स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट सुबोध वार्ष्णेय ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
बिल्सी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तीन जुलाई 2016 को तहरीर दी थी। तहरीर के मुताबिक दो जुलाई की रात उसकी नाबालिग बहन शौच को गई थी। इसी दौरान थाना क्षेत्र के निजामपुर निवासी छई अंसारी ने उसकी नाबालिग बहन से दुष्कर्म किया। पीड़िता ने घर आकर सारा वाकया अपने भाई को बताया। पुलिस ने छई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। पुलिस ने विवेचना के बाद छई के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
स्पेशल जज सुबोध वार्ष्णेय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र कुमार सिंह, सीपी सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद नामजद आरोपी छई को मुजरिम ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने छई पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। संवाद