युवती पर घरवालों ने लगा दी थीं बंदिशें
गांव में प्रेम-प्रसंग की चर्चा आम हुई तो युवती के परिवार वालों ने उस पर बंदिशें लगाना शुरू कर दीं। उसको घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। युवक भी कुछ समय से इटावा जिले में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने चला गया था। हाल ही में वह आया तो प्रेमिका से मिलने के लिए उसका इंतजार करता रहा मगर बंदिश की वजह से वह उससे नहीं मिल पाई।
चूंकि युवक की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी इसलिए इटावा के भट्ठे के अलावा उसके पास और कोई ठिकाना नहीं था। उसी भट्ठे पर युवती का पिता भी काम करता है इसलिए वहां ले जाने का सवाल ही नहीं उठता था। गांव वालों का मानना है कि इसी सोच के साथ दोनों ने खुदकुशी कर ली।
रंग पंचमी पर पूरे गांव में खेली गई थी होली
इस गांव में रंगों का त्योहार होली के बाद रंग पंचमी पर मनाया जाता है। राजस्थानी परंपरा के चलते रंग पंचमी पर ही लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं। युवक होली से कुछ दिन पहले ही यहां आया था और रविवार को मनाई गई रंग पंचमी पर जब पूरा गांव रंग खेल रहा था इस बीच उसकी मुलाकात युवती से हो गई। मगर किसी को यह नहीं पता था कि रंगों के बीच दोनों आत्मघाती कदम उठाने की योजना बना लेंगे।
रंग खेलने के बाद शाम को सभी अपने-अपने घर चले गए। रविवार रात किसी वक्त दोनों ने शादी न होने की उम्मीद और गांव वालों के तानों से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। घटना के बाद गांव वालों के बयान दर्ज करने पहुंची पुलिस को भी यह बात ग्रामीणों ने बताई है। पुलिस भी इसी बात को मान रही है कि शादी की उम्मीद न होने के साथ ही बाहर रहने के लिए ठिकाना न होने पर उन्होंने यह कदम उठाया है।