-स्ट्रांग रूम की सुरक्षा बढ़ाई गई, 23 सीसी कैमरे लगाए
-कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच निपटाई जाएगी मतगणना
मतगणना स्थल और उसके इर्दगिर्द पुलिस फोर्स का कड़ा पहरा रहेगा। मतगणना के दौरान और उसके बाद भी मतगणना स्थल पर अंदर से लेकर बाहर तक न सिर्फ पुलिस की चप्पे-चप्पे पर नजर रहेगी बल्कि सीसीटीवी कैमरों में पल-पल की हर गतिविधि कैद होगी। मतगणना के बाहर हुड़दंग करने वाले भी कैमरे की नजर से बच नहीं पाएंगे। जिला प्रशासन ने इस बार मतगणना के लिए कड़े और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
जिले में छह विधानसभा सीटों के लिए मतगणना में केवल दो दिन बाकी हैं। इससे पहले पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा बंदोबस्त का पूरा खाका तैयार कर लिया है। मतगणना के दौरान चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा रहेगी। इसके अलावा मतगणना स्थल की निगहबानी के लिए जगह-जगह सीसी कैमरे भी लगाए जाएंगे। कंट्रोल रूम के जरिए पूरे माहौल पर सीसी कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। मतगणना स्थल के बाहर बेरीकेडिंग की जाएगी।
जिले की छह विधानसभा सीटों पर 11 मार्च को मतगणना होनी है। प्रत्येक विधानसभा में मतगणना के लिए 15 टेबिल लगाई जाएंगे। इनमें 14 टेबिल कार्मिकों की और एक संबंधित विधानसभा के आरओ की होगी। मतगणना में कुल 456 कर्मचारियों को लगाया गया है। 114 कर्मचारी रिजर्व भी रहेंगे। मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हो जाएगी। मतगणना के दौरान और चुनाव परिणाम आने के बाद मतगणना स्थल पर माहौल खराब न हो इसको लेकर पुलिस-प्रशासन बेहद गंभीर है। पहले से ही सुरक्षा बंदोबस्त का ब्लू प्रिंट तैयार कर अधिकारी इस पर मंथन कर रहे हैं। जिले की छह विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़े 56 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतगणना के बाद 11 मार्च को दोपहर तक आ जाएगा। इधर, मतगणना नजदीक आने के साथ ही पुलिस-प्रशासन ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को भी बढ़ा दिया है। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पैरामिलेट्री फोर्स के जिम्मे है। इसके अलावा स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिए 23 सीसी कैमरे भी लगाए गए हैं। एहतियात के तौर पर मतगणना स्थल पर 24 घंटे फायर ब्रिगेड की तैनाती भी की गई है।
मतगणना के बाद भी पुलिस चौकस रहेगी
बदायूं। विधानसभा चुनाव 2012 में मतगणना के बाद चुनाव परिणामों की घोषणा होने के साथ ही मंडी समिति स्थल के बाहर बवाल शुरू हो गया था। पथराव, आगजनी और फायरिंग में दो लोगों की मौत हुई थी। कई वाहनों को भी आग लगा दी गई। पथराव में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इनमें पुलिस कर्मी भी शामिल थे। 2012 में हुए बवाल को लेकर भी पुलिस-प्रशासन सतर्क है। इसको देखते हुए मतगणना स्थल के बाद भीड़ जमा न हो बेरीकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। गेट पर कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो बाहर की हर गतिविधि को रिकॉर्ड करते रहेंगे।
विजय जुलूस पर रहेगी पाबंदी
बदायूं। चुनाव परिणाम आने के बाद कोई भी विजय जुलूस नहीं निकाल सकेगा। सभी प्रत्याशियों को अभी से हिदायत दे दी गई है। जो प्रत्याशी विधायक चुना जाएगा उसे आरओ का प्रमाण पत्र मिलने के बाद तुरंत ही सुरक्षा घेरे में लेकर उसके घर पहुंचा दिया जाएगा। यहां भी सुरक्षा रहेगी। मतगणना स्थल के बाहर समर्थकों की नारेबाजी पर भी पाबंदी रहेगी।
सबसे पहले गिने जाएंगे पोस्टल बैलेट
बदायूं। विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए लगाए गए कर्मियों को बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में प्रशिक्षण दिया गया।
सीडीओ अच्छे लाल सिंह यादव ने सभी गणना कार्मिकों को 11 मार्च को सुबह छह बजे तक स्थानीय मंडी समिति में पहुंचने के निर्देश दिए। मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू होगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी हवलदार यादव ने भी गणना पर्यवेक्षकों, माइक्रो आब्जर्वर तथा गणना सहायकों को प्रथम एवं द्वितीय पाली में प्रशिक्षण देकर मतगणना के लिए ट्रेंड किया।
इन समस्त कार्मिकों को द्वितीय प्रशिक्षण 10 मार्च को दिन में 12.30 बजे कलक्ट्रेट सभाकक्ष में दिया जाएगा। अफसरों ने गणना कार्मिकों को बताया कि सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गणना की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा में 14-14 टेबिलें गणना कार्य तथा एक टेबिल आरओ के लिए अलग से लगाई जाएगी। मतदेय स्थलों के आधार पर अलग-अलग विधानसभाओं में 25 से 30 चक्रों में मतगणना का कार्य पूरा हो सकेगा। प्रशिक्षण में चतुर्थ श्रेणी गणना सहायकों को भी प्रशिक्षण दिया गया। सभी गणना कार्मिकों को ईवीएम का संचालन कर गणना कार्य सिखाया गया। सीडीओ ने निर्देश दिए कि स्ट्रांग रूम से ईवीएम उसी टेबिल पर पहुंचना चाहिए, जहां उसकी गणना की जानी है। गणना कार्मिक भी ईवीएम की सील खोलने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि इस ईवीएम की गणना उसी टेबिल पर होनी है।
गैरहाजिर गणना पर्यवेक्षक पर होगी कार्रवाई
बदायूं। गणना कार्मिकों के प्रशिक्षण में उझानी स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र के सुरेन्द्र बहादुर सिंह अनुपस्थित रहे। इन्हें गणना पर्यवेक्षक बनाया गया है। सीडीओ और प्रभारी अधिकारी कार्मिक अच्छे लाल सिंह यादव ने अनुपस्थित गणना कार्मिक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए उप जिला निर्वाचन अधिकारी को संस्तुति सहित रिपोर्ट भेज दी है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से हरी झंडी मिलते ही अनुपस्थित गणना कार्मिक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।