प्रशिक्षु भर्ती काउंसिलिंग में शुक्रवार को अभ्यर्थियों को रेला उमड़ पड़ा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में पहले दिन ढ़ाई हजार से अधिक पुरुष आवेदक काउंसिलिंग कराने पहुंचे। हालांकि नई व्यवस्था के तहत 40 हजार आवेदक बुलाए गए थे। लंबी लाइन और भारी भीड़ के चलते धक्कामुक्की, हंगामे का माहौल भी बना रहा। दूरदराज से आए अभ्यर्थी घंटो लाइन में भारी भरकम बैग टांगे अपनी बारी का इंतजार करते हुए खड़े रहे। सीमित स्टाफ होने के बाद भी देरशाम तक काउंसिलिंग कराई गई। शनिवार को भी काउंसिलिंग कराई जाएगी।
72,825 प्रशिक्षु भर्ती काउंसिलिंग की चौथी काउंसिलिंग की तिथि निर्धारित हुई तो किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि इतनी भीड़ उमड़ पड़ेगी। क्योंकि पिछली तीन काउंसिलिंग में मेरिट के अनुसार भीड़ आ रही थी। जो सामान्य थी। चूंकि शासन की ओर से नई व्यवस्था के तहत अनारक्षित वर्ग में टीईटी में 105 और आरक्षित में 97 वालों को शामिल करने का आदेश दे दिया गया तो शुक्रवार को शुरू हुई काउंसिलिंग के पहले दिन भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही लंबी लाइन डीएम रोड डायट के बाहर नजर आने लगी। जैसे ही डायट संस्थान का गेट खोला गया। तो सड़क से लेकर काउंसिलिंग स्थल तक लंबी लाइन नजर आने लगी। करीब ढाई हजार से अधिक आवेदक विभिन्न वर्गों में काउंसिलिंग कराने के लिए जुटने लगा। इसके लिए सामान्य साइंस, आर्ट्स, गणित के अलावा ओबीसी, एससी, एसटी के अलग-अलग काउंटर लगाए गए थे। ताकि किसी को परेशानी न उठानी पड़े। हर एक काउंटर पर लंबी लाइन थी। इसमें आवेदक से उसके दस्तावेज की छात्राप्रति जमा करने के साथ सूची पर हस्ताक्षर कराए गए। शाम तक लंबी भीड़ के बाद इनकी सूची तैयार की गई। डायट प्राचार्य आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि इसमें सामान्य वर्ग में 730 अभ्यर्थी काउंसिलिंग को पहुंचे। जबकि ओबीसी में 1600 तथा एससी मेें 217 आवेदकों ने यानि की 2547 ने काउंसिलिंग कराई। बताया कि नई व्यवस्था और आदेश के अनुसार 40 हजार आवेदकों की लिस्ट तैयार की गई थी। इसके सापेक्ष 2547 पहुंचे। जबकि बदायूं में करीब 1600 सीटें हैं। जिसमें अधिकांश भरी जा चुकी हैं।
अव्यवस्थाओं का रहा बोलबाला
बदायूं। सुबह से शुरू हुई काउंसिलिंग में सिमित स्टाफ होने के कारण अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। चूंकि ठंड थी इसलिए अभ्यर्थियों को पानी पीने की दौड़ नहीं लगानी पड़ी। दूसरी जगह जाने की जल्दी में किसी तरह जल्दी नंबर आ जाए इसे लेकर हंगामा जरूर काटा गया। अभ्यर्थी लाइन को तोड़ने की कोशिश भी करते नजर आए। बीच-बीच में धक्कामुक्की के अलावा आपस में मारपीट के हालात भी बने। लेकिन प्राचार्य आनंद प्रकाश शर्मा, प्रवक्ता नावेद खां और स्टाफ की सूझबूझ के चलते स्थिति संभाल ली गई। अव्यवस्थाएं हावीं न हों इसके लिए प्राचार्य आनंद प्रकाश शर्मा लगातार प्रत्येक काउंसिलिंग काउंटर पर माइक से एनाउंसमेंट कर स्थिति से अवगत कराते रहे।
असलाह लेकर पहुंच गए श्रीमान
बदायूं। जहां प्रशिक्षण संस्थान में भविष्य बनाने की आस में आए अभ्यर्थी काउंसिलिंग कराने में मशगूल रहे। वहीं एक श्रीमान बिना किसी की परवाह किए बगैर असलाह लेकर डायट परिसर में पहुंच गए। दो नाल की बंदूक लेकर उनके साथ अन्य व्यक्ति भी चल रहे थे। जबकि शिक्षण या प्रशिक्षण संस्थान में किसी भी व्यक्ति को असलाह ले जाने पर पाबंदी है। बावजूद इसके यह महाशय आराम से बिना किसी खौफ के घूमते रहे।
रिसीविंग न देने पर अभ्यर्थियों में मायूसी
बदायूं। नौकरी की चाह में हजारों किलोमीटर से अभ्यर्थी बदायूं काउंसिलिंग कराने पहुंचे। बावजूद इसके लिए उन्हें थोड़ी मायूसी हाथ लगी। रिसीविंग न देने के कारण उनके चेहरे लटके रहे। वाराणसी से आए अप्पू सिंह और आजमगढ़ से आए श्रवणकांत यादव ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की रिसिविंग नहीं दी। भविष्य में अगर कोई बात बिगड़ती है तो उनके पास कोई प्रूफ भी नहीं होगा।