बदायूं। सफाई कर्मियों के ट्रांसफर के नाम पर अवैध धन उगाही के मामले में आख्या न भेजने पर सीजेएम राकेश कुमार तिवारी ने सीडीओ, डीपीआरओ सहित चार अधिकारियों को 28 नवंबर तक व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होकर स्पष्टीकरण दाखिल करने का आदेश दिया है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की मोहल्ला सुंदरनगर बाबा निवासी सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष लालबहादुर ने सात जून 2018 को डीएम और सीडीओ को एक शिकायती पत्र दिया था। आरोप था कि डीपीआरओ कार्यालय में सफाई कर्मचारियों के ट्रांसफर के नाम पर उमाशंकर शाक्य निवासी ललुआ नगला थाना कादरचौक, शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लोटनपुरा निवासी अनिल विराट और कई लोगों द्वारा धन उगाही की जा रही है। जांच के बाद धन उगाही में लिप्त लोगों के खिलाफ तत्कालीन डीपीआरओ ने 20 अगस्त 2018 को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिए थे कि बीडीओ कादरचौक और बीडीओ जगत दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएं। बीडीओ कादरचौक और जगत ने अधिकारियों के आदेश को न मानते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। तब लाल बहादुर ने सीजेएम कोर्ट में इसी साल सात अगस्त को 156 (3) सीआरपीसी के तहत वाद दायर किया था। कोर्ट ने 25 सितंबर और 16 अक्तूबर को सीडीओ, डीपीआरओ, वीडीओ कादरचौक और जगत से आख्या तलब की। इसके बावजूद किसी भी अधिकारी ने आख्या प्रेषित नहीं की। इस पर सीजेएम राकेश कुमार तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए चारों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होकर 28 नवंबर तक स्पष्टीकरण दाखिल करने का आदेश दिया है।